तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के प्रचार का शोर आज शाम होगा खामोश
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के प्रचार का शोर आज शाम होगा खामोश
-234 सीटों पर 4023 उम्मीदवार मैदान में, 5.7 करोड़ मतदाता मंगलवार को लिखेंगे राज्य का नया सियासी भविष्य
चेन्नई, 20 अप्रैल । दक्षिण भारतीय राजनीति के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान मंगलवार शाम 5 बजे आधिकारिक रूप से थम जाएगा। राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर सत्ता का संघर्ष अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। इस बार के चुनाव में 4023 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनके भाग्य का फैसला राज्य के 5,73,43,291 पंजीकृत मतदाता करेंगे। चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए हैं, ताकि लोकतंत्र के इस महापर्व में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके। राज्य भर में कुल 75,064 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपने निर्वाचन क्षेत्र कोलाथुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जबकि विपक्षी नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने सलेम के एडप्पाडी में अपना अभियान समाप्त करने की योजना बनाई है। इस बार का चुनाव पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के लिए एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। डीएमके और एआईएडीएमके जैसी दिग्गज पार्टियों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। उम्मीदवारों की विशाल संख्या यह स्पष्ट करती है कि इस बार मतदाताओं के पास विकल्पों की कमी नहीं है, जिससे मुकाबला बहुकोणीय और दिलचस्प हो गया है।
इस विधानसभा चुनाव में टीवीके नेता और लोकप्रिय अभिनेता विजय के चुनावी मैदान में उतरने से चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों का समीकरण पूरी तरह बदल गया है। विजय ने अपना चुनावी अभियान चेन्नई के नंदनम इलाके में समाप्त करने का निर्णय लिया है, जहाँ उनके समर्थकों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की सक्रियता युवाओं और फिल्मी प्रशंसकों के बीच नए समीकरण पैदा कर सकती है। अब सभी की निगाहें 23 अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि तमिलनाडु की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट