भारत को गोली का सही ज़बाब देना चाहिए

भारत को गोली का सही ज़बाब देना चाहिए

(लेखक – संजय गोस्वामी)

शनिवार 18 अप्रैल 26 को होरमुज़ जलडमरूमध्य में भारत के झंडे वाले दो जहाजों पर हुई फायरिंग ने ईरान की सत्ता संरचना में बढ़ती दरार को उजागर कर दिया है। यह फायरिंग इस बात को लेकर हुई भ्रम के कारण हुई कि शनिवार को होरमुज़ जलडमरूमध्य खुला था या नहीं। जहाँ एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि सभी जहाज होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुज़र सकते हैं, लेकिन केवल तभी जब वे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के साथ समन्वय करें, वहीं इसके विदेश मंत्री, अब्बास अराघची ने कहा कि फ़ारस की खाड़ी में यह संकरा रास्ता खुला है, क्योंकि लेबनान में इज़राइल-हिज़्बुल्ला युद्ध के लिए संघर्ष-विराम समझौते पर सहमति बन गई थी। भारत को नेवी शिप भेज कर इसका करारा ज़बाब देना चाहिए भारत 140 करोड़ लोगों का एक लोकतान्त्रिक देश है और भारत ऐसा देश है जो गोली का ज़बाब गोली से देना जानता है भारत के लोग कहीं भी हो अगर हमला हुआ है तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए ईरान में सत्ता संघर्ष हो या कुछ भी ऐ एक आतंकवादी घटना है शिप पर भारत का तिरंगा होगा यदि इसे शक्ति से नहीं लिया गया तो आतंकी का हौसला बढ़ेगा और दुनिया में इसे मज़ाक बनाया जाएगा जिससे भारत की छवि धूमिल होगी जब ईरान की नेवी को अमेरिका के हमले से बचाने के लिए कोच्ची में अपना नेवी शिप भेज कर अमेरिका को अपनी ताकत का अहसास करा सकता है तो ऐसा हमला बर्दास्त नहीं है चाहे क़ोई भी हो भारत को इसका करारा ज़बाब देना चाहिए हम भगवान राम के मार्गदर्शन पर चलने वाले मान और मर्यादा से रहने वाला शांति प्रिय देश है तो हमें अपने लोगों की रक्षा का पूर्ण अधिकार है भारत को इसे गंभीरता से लेकर जबाबी कार्यवाही करना चाहिए अमेरिका क्या कर रहा है नहीं कर रहा है ऐ दो देशों का अंदरूनी मामला है इसमें भारत का क़ोई रोल नहीं है भारत एक शान्तिप्रिय देश है और भारत माँ की रक्षा के लिए मर मिटने वाला देश है ऐ हमला बिल्कुल जायज नहीं है इसपर भारत को कड़ा रुख अपनाना चाहिए ईरान की आबादी 9 करोड़ है और भारत की आबादी 140 करोड़ है इसे यदि हल्के में लिया गया तो परोसी दुश्मन मुल्क मज़ाक उड़ा सकता है क्योंकि उसके जहाज आ रहे हैँ हम अपनी रक्षा के लिए आत्मनिर्भर हैं आतंकी हमला बर्दास्त नहीं है.भारत परमाणु संपन्न देश है और भारतीयों की रक्षा के लिए भारतीय सेना पूरे विश्व में अव्वल है भारतीय सशस्त्र बल भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के प्रबन्धन के अधीन हैं। 14 लाख से अधिक सक्रिय कर्मियों की शक्ति के साथ, यह विश्व की द्वितीय सबसे बड़ी सैन्य शक्ति है इसलिए भारत को इसका कड़ा जबाब देना चाहिए नहीं तो पाकिस्तान और ईरान दोनों की सीमा सटती है वहाँ से तो आतंकवाद होता रहता है अब यदि धर्म के नाम पर ईरान भी इसी रास्ते चला तो आने वाले समय में आतंकवादी घटना बढ़ेगी लेकिन यहाँ तो एक नारी शक्ति बिल पर राजनीति हो रही जो संसद में पास नहीं हुआ लोकतंत्र है ऐसा होता है इसका सम्मान करना चाहिए हालांकि मुझे भी दुःख है लेकिन अदालत तो संसद के निर्णय को ही सही मानेगी अगर गलत है तो अगले चुनाव में पूर्ण बहुमत दे देना लेकिन राष्ट्र हित में जो निर्णय लिए जाएं वो सही हो इसलिए इस मुद्दे पर कार्यवाही करना चाहिए।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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