पूर्वी कांगो में सक्रिय सशस्त्र गुटों के नेताओं पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध, एम23 और एफडीएलआर के कमांडर भी सूची में

पूर्वी कांगो में सक्रिय सशस्त्र गुटों के नेताओं पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध, एम23 और एफडीएलआर के कमांडर भी सूची में

किंशासा, । संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने पूर्वी लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (डीआरसी) में हिंसा को बढ़ावा देने वाले सशस्त्र गुटों के कई नेताओं और संगठनों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। प्रतिबंधों की जद में रवांडा समर्थित माने जाने वाले एएफसी/एम23 विद्रोही गठबंधन और डेमोक्रेटिक फोर्सेज फॉर द लिबरेशन ऑफ रवांडा (एफडीएलआर) के वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उस समिति, जो कांगो पर लागू हथियार प्रतिबंध की निगरानी करती है, ने छह व्यक्तियों और दो संस्थाओं को प्रतिबंधित सूची में शामिल किया है। इन पर क्षेत्र में हिंसा, अस्थिरता और सशस्त्र संघर्ष को बढ़ावा देने का आरोप है।

प्रतिबंधित किए गए प्रमुख लोगों में एएफसी गठबंधन के प्रमुख कॉर्नेल नंगाआ, एम23 के खुफिया प्रमुख जॉन इमानी नजेंजे और एफडीएलआर कमांडर गुस्तावे कुबवायो शामिल हैं। गौरतलब है कि अमेरिका भी पिछले महीने नजेंजे और कुबवायो पर प्रतिबंध लगा चुका है और उन पर शांति प्रयासों के बावजूद संघर्ष को भड़काने का आरोप लगाया था।

संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के तहत इन व्यक्तियों और संगठनों पर हथियार प्रतिबंध, अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर रोक और संपत्तियों को फ्रीज करने जैसी कार्रवाई लागू होगी।

पूर्वी कांगो में संघर्ष की जड़ें 1994 के रवांडा नरसंहार के बाद पैदा हुई परिस्थितियों से जुड़ी हैं। पिछले वर्ष यह संघर्ष तब और तेज हो गया, जब एएफसी/एम23 विद्रोही समूह ने पूर्वी कांगो के बड़े हिस्सों पर कब्जा कर लिया। संयुक्त राष्ट्र और कई पश्चिमी देशों का आरोप है कि इस विद्रोही समूह को रवांडा का समर्थन प्राप्त है, हालांकि रवांडा लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है।

संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि नए प्रतिबंधों का उद्देश्य सशस्त्र समूहों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना और क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों को मजबूती देना है।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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