बीजेपी के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने कसी कमर

बीजेपी के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने कसी कमर

नई दिल्ली, 20 अप्रैल । कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के सदस्यों ने रविवार को केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि लोकसभा सीटों का परिसीमन, मतदाता सूचियों में संशोधन (SIR) और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ जैसे कदम केवल भाजपा का राजनीतिक वर्चस्व सुनिश्चित करने के सुनियोजित प्रयास हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ये मुद्दे महज प्रशासनिक सुधार नहीं हैं, बल्कि चुनावी मैदान को अपनी सुविधा अनुसार बदलने और निष्पक्ष प्रतिनिधित्व को कमजोर करने की चालें हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए उनकी लड़ाई संसद के भीतर और बाहर निरंतर जारी रहेगी।

हाल ही में लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन बिल के गिरने को विपक्ष ने अपनी बड़ी जीत बताया है। इस बिल का उद्देश्य 2029 तक लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करना और 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू करना था। कांग्रेस कार्य समिति सदस्य बीके हरि प्रसाद और जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में अनुचित परिसीमन करना चाहती थी, जिसे विपक्षी एकजुटता ने नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक श्रेय लेना चाहती है, जबकि कांग्रेस ही महिलाओं को संसद में उनका वास्तविक अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

CWC सदस्यों ने राज्यों में मतदाता सूचियों के विवादित संशोधन (SIR) पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इसकी वजह से लाखों पात्र मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। असम जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए नेताओं ने कहा कि वहां विधानसभा सीटों के परिसीमन और वोटर लिस्ट में बदलाव इस तरह किए गए जिससे सत्ताधारी एनडीए को फायदा हो। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के ‘राष्ट्र के नाम संबोधन’ की भी आलोचना की और कहा कि संवैधानिक मंचों का उपयोग विपक्ष पर झूठे आरोप लगाने के लिए किया जा रहा है। पार्टी ने संकल्प लिया कि वे जनता के बीच जाकर इन “लोकतंत्र विरोधी” नीतियों का पर्दाफाश करेंगे।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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