उम्मीदवार बटन पर रंग, स्याही, परफ्यूम, केमिकल लगाना या छिपाना अपराध ईवीएम बटनों से छेड़छाड़ रोकने चुनाव आयोग ने जारी किए कड़े निर्देश…
उम्मीदवार बटन पर रंग, स्याही, परफ्यूम, केमिकल लगाना या छिपाना अपराध ईवीएम बटनों से छेड़छाड़ रोकने चुनाव आयोग ने जारी किए कड़े निर्देश…
कोलकाता, भारत के चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारियों को कई कड़े निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश मुख्य रूप से ईवीएम के बटनों के साथ होने वाली छेड़छाड़ को रोकने और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने दिए गए हैं। ये हैं ईवीएम बटनों से छेड़छाड़ रोकने के लिए सख्त नियम जिसमें बैलट यूनिट पर लगे हर उम्मीदवार के बटन पूरी तरह से खुलकर और साफ-साफ दिखाई देने चाहिए। किसी भी बटन को टेप, गोंद, चिपकने वाले पदार्थ या किसी अन्य सामग्री से ढकना या छिपाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
आयोग का कहना है कि मतदाता को अपना वोट डालने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और यह तय होना चाहिए कि कोई भी बटन जानबूझकर छिपाकर मतदान को प्रभावित न किया जाए।
बैलट यूनिट के उम्मीदवार बटन पर किसी भी प्रकार का रंग, स्याही, परफ्यूम, केमिकल या अन्य कोई पदार्थ लगाना निषिद्ध है। ऐसा करने का उद्देश्य वोट की गोपनीयता भंग करना हो सकता है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाएगा। कभी-कभी कुछ लोग बटन पर ऐसे पदार्थ लगाकर बाद में पता लगाने की कोशिश करते हैं कि किस बटन को दबाया गया था, जिससे मतदान की गोपनीयता खतरे में पड़ जाती है। आयोग इसे वोट की पवित्रता पर हमला मानता है।
यदि प्रिसाइडिंग अधिकारी को मतदान केंद्र पर ऊपर बताई गई कोई भी बात नजर आए, जैसे बटन ढका हुआ हो या उस पर कोई पदार्थ लगा हो तो उन्हें तुरंत सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को सूचित करना होगा। आयोग ने साफ कहा कि ऐसे सभी मामले को ईवीएम से छेड़छाड़ माना जाएगा जो चुनावी अपराध है। आयोग ने चेतावनी दी है कि वह ऐसे दोषियों के खिलाफ सख्त फौजदारी कार्रवाई करने में बिल्कुल नहीं हिचकेगा।
पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि उन्हें मतदान केंद्र पर ऐसी किसी भी संदिग्ध घटना का पता चलता है, तो वे बिना देरी किए संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को इसकी सूचना दें। यदि किसी बूथ पर ऐसी घटना की पुष्टि होती है, तो आयोग वहां पुनर्मतदान का आदेश भी दे सकता है। चुनाव आयोग के ये निर्देश पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले मतदान से ठीक पहले लागू किए गए हैं। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में गुरुवार 23 अप्रैल को मतदान होगा। बंगाल में दो चरणों में चुनाव हो रहा है। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा।
वहीं केरल, पुडुचेरी और असम में इस महीने की शुरुआत में ही मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन सभी राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव संपन्न कराने में लगे किसी भी अधिकारी की ओर से यदि कोई लापरवाही, कदाचार, पक्षपात या विफलता पाई जाती है तो इसे बेहद गंभीरता से लिया जाएगा। चूक की गंभीरता के आधार पर कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट