सीजफायर का ऐलान होने के बावजूद 100 डॉलर के करीब पहुंचा ब्रेंट क्रूड

सीजफायर का ऐलान होने के बावजूद 100 डॉलर के करीब पहुंचा ब्रेंट क्रूड

नई दिल्ली, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सीजफायर को बढ़ाने का निर्देश देने के बावजूद आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में तेजी का रुख बना हुआ है। आज के कारोबार में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के काफी करीब पहुंच गया। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने भी 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर लिया। हालांकि बाद में कच्चे तेल की कीमत में मामूली गिरावट भी दर्ज की गई।

आज ब्रेंट क्रूड ने तेजी दिखाते हुए 100 डॉलर के करीब 99.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। थोड़ी देर में ही यह उछल कर 99.29 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। भारतीय समय के अनुसार सुबह 9:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद ब्रेंट क्रूड 98.34 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड में आज 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर 90.38 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। थोड़ी देर में ही यह उछल कर 90.71 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसके भाव में मामूली गिरावट भी दर्ज की गई। भारतीय समय के अनुसार 9:15 बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 89.47 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

जानकारों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का एलान जरूर किया है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी जारी रखने की बात भी कही है। मतलब सीजफायर के बावजूद इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से मालवाहक जहाजों और ऑयल टैंकर्स का आना-जाना संभव नहीं हो सकेगा। ऐसी स्थिति में दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई में परेशानी जारी रहेगी।

कैपेक्स गोल्ड एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ राजीव दत्ता क्या कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता भी अधर में लटक गई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति की शांति वार्ता के लिए होने वाली पाकिस्तान यात्रा भी टल गई है। ऐसी स्थिति में पश्चिम एशिया में शीघ्र शांति होने की उम्मीद पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है।

पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहने की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई लगातार प्रभावित हो सकती है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गया है। राहत की बात यही है कि अमेरिका फिलहाल सीजफायर को आगे बढाए रखने के लिए सहमत हो गया है। इसलिए दोनों पक्षों की ओर से फिलहाल एक दूसरे पर कोई बड़ा हमला करने की उम्मीद नहीं है।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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