पश्चिम बंगाल में मतदान का जायजा लेगा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल
पश्चिम बंगाल में मतदान का जायजा लेगा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल
कोलकाता, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान की स्थिति का जायजा लेने के लिए चुनाव आयोग अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल को राज्य में ला रहा है। आयोग सूत्रों के अनुसार, प्रथम चरण के मतदान से एक दिन पहले यह दल पश्चिम बंगाल पहुंच रहा है। गुरुवार को प्रतिनिधिमंडल मतदान प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करेगा। बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के साथ तमिलनाडु का भी दौरा कराया जाएगा।
इसी बीच, आयोग ने 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव के लिए कुल दो हजार 321 कंपनियां केंद्रीय बल तैनात करने की घोषणा की है। मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, सबसे अधिक 507 कंपनियां उत्तर 24 परगना जिले में तैनात की जाएंगी।
प्रथम चरण के लिए आयोग ने दो हजार 407 कंपनियां केंद्रीय बल तैनात किया है। इस चरण में सबसे अधिक 316 कंपनियां मुर्शिदाबाद जिले में लगाई गई हैं। इनमें से 240 कंपनियां मुर्शिदाबाद पुलिस जिले में और 76 कंपनियां जंगीपुर क्षेत्र में रहेंगी।
दूसरे चरण में जिला वार तैनातीः उत्तर 24 परगना जिले के बारासत पुलिस जिले में 112 कंपनियां, बनगांव में 62, बसिरहाट में 123, विधाननगर में 50 और बैरकपुर में 160 कंपनियां तैनात रहेंगी। दक्षिण 24 परगना के सुंदरबन में 113 कंपनियां, बारुईपुर में 161 और डायमंड हार्बर में 135 कंपनियां तैनात की जाएंगी। हावड़ा जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 147 कंपनियां और हावड़ा पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में 110 कंपनियां रहेंगी।नदिया जिले के कृष्णनगर पुलिस जिले में 158 कंपनियां तथा राणाघाट पुलिस जिले में 127 कंपनियां तैनात होंगी। हुगली जिले के चंदननगर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में 83 कंपनियां और हुगली ग्रामीण क्षेत्र में 234 कंपनियां लगाई जाएंगी। पूर्व बर्धमान जिले में कुल चार हजार 465 मतदान केंद्र हैं। यहां 260 कंपनियां केंद्रीय बल तैनात किया जाएगा। पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में 195 मतदान केंद्र हैं। यहां 13 कंपनियां तैनात रहेंगी। कोलकाता – राजधानी कोलकाता में पांच हजार 172 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के लिए 273 कंपनियां केंद्रीय बल तैनात किया जाएगा। आयोग ने बताया कि केंद्रीय बल की प्रत्येक कंपनी में कम से कम 72 जवान होंगे। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर चुका है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट