बीफार्मा के बाद करिअर और बिजनेस के अवसर, जानें सही राह
बीफार्मा के बाद करिअर और बिजनेस के अवसर, जानें सही राह
प्रश्न: क्या बीफार्मा करने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं दी जा सकती हैं या मेडिकल स्टोर का पंजीकरण कराकर स्वयं का क्लिनिक शुरू किया जा सकता है?
इस संबंध में करिअर विशेषज्ञ आदर्श दीक्षित बताते हैं कि फार्मेसी एक ऐसा क्षेत्र है, जो विद्यार्थियों को न केवल बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करता है, बल्कि स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का विकल्प भी देता है। हालांकि, मेडिकल स्टोर संचालित करने और क्लिनिक चलाने के बीच का अंतर समझना आवश्यक है।
बीफार्मा की डिग्री प्राप्त करने के बाद छात्र मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं, लेकिन वे मरीजों का इलाज नहीं कर सकते और न ही स्वयं क्लिनिक चलाकर प्राथमिक चिकित्सा प्रदान कर सकते हैं। इसका कारण यह है कि बीफार्मा एक फार्मेसी संबंधी व्यावसायिक डिग्री है, जबकि चिकित्सा उपचार के लिए मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री आवश्यक होती है।
बीफार्मा के बाद विद्यार्थी राज्य फार्मेसी परिषद में फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकरण कराकर दवा व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा, वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दवाओं के वितरण और मरीजों को दवा संबंधी परामर्श देने का कार्य भी कर सकते हैं। फार्मासिस्ट मरीजों को डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं के सेवन की विधि, मात्रा और आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दे सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्राथमिक चिकित्सा और मरीजों का उपचार केवल वही चिकित्सक कर सकते हैं, जिन्होंने एमबीबीएस, आयुर्वेद, होम्योपैथी अथवा अन्य मान्यता प्राप्त चिकित्सा डिग्री हासिल की हो।
सरकारी क्षेत्र में करिअर बनाने की इच्छा रखने वाले बीफार्मा स्नातक ड्रग इंस्पेक्टर जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी शामिल हो सकते हैं। लगभग सभी राज्य सरकारें समय-समय पर ड्रग इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती करती हैं। इस प्रकार, बीफार्मा के बाद योग्य और प्रशिक्षित छात्रों के लिए करिअर की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं।
गणित और विज्ञान में कमजोर छात्रों के लिए कौन-सा स्ट्रीम बेहतर?
प्रश्न: मेरा बेटा इस वर्ष सीबीएसई बोर्ड से दसवीं की परीक्षा दे रहा है। वह गणित और विज्ञान विषयों में कमजोर है। कक्षा 11 में उसके लिए कौन-सा विषय समूह करिअर की दृष्टि से बेहतर रहेगा?
यदि किसी छात्र की रुचि या प्रदर्शन गणित और विज्ञान में अच्छा नहीं है, तो उसे 10+2 स्तर पर पीसीएम या पीसीबी स्ट्रीम लेने से बचना चाहिए। ऐसे विद्यार्थियों के लिए निम्न विकल्प अधिक उपयुक्त हो सकते हैं—
- कॉमर्स (बिना गणित)
छात्र 10+2 में कॉमर्स स्ट्रीम चुन सकते हैं और गणित के स्थान पर एकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, अर्थशास्त्र तथा उद्यमिता जैसे विषय ले सकते हैं। इससे गणित का दबाव कम रहेगा और आगे अनेक प्रोफेशनल कोर्स तथा करिअर विकल्प उपलब्ध होंगे।
- आर्ट्स (मानविकी)
आर्ट्स स्ट्रीम भी एक अच्छा विकल्प है। इसके अंतर्गत राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, भूगोल, इतिहास और अर्थशास्त्र जैसे विषयों का चयन किया जा सकता है। इन विषयों के माध्यम से प्रशासन, शिक्षा, मीडिया, सामाजिक क्षेत्र, कानून और अन्य अनेक क्षेत्रों में करिअर बनाया जा सकता है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट