ईरान की स्थिति के कारण यूएई को पड़ सकती है अमेरिका से आर्थिक सहायता की जरूरत
ईरान की स्थिति के कारण यूएई को पड़ सकती है अमेरिका से आर्थिक सहायता की जरूरत
मास्को, 20 अप्रैल ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रतिनिधियों ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत में वित्तीय सहायता की संभावना जताई है। पश्चिम एशिया का संघर्ष यूएई में संकट को यदि और अधिक गहरा देता है, तो उस स्थिति के लिए यह सहायता मांगी गई है। संयुक्त अरब अमीरात के केंद्रीय बैंक के गवर्नर खालिद मोहम्मद बालमा ने पिछले सप्ताह वाशिंगटन में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ बैठकों के दौरान ‘मुद्रा विनिमय मार्ग’ (करेंसी स्वैप लाइन) स्थापित करने की संभावना पर चर्चा की। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने अब तक इस संघर्ष के सबसे बुरे आर्थिक परिणामों से खुद को बचाये रखा है, लेकिन उन्हें फिर भी वित्तीय सहायता की आवश्यकता हो सकती है। इस बीच, कतर के वित्त मंत्री अली बिन अहमद अल कुवारी ने भी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से मुलाकात की।
अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि दोनों नेताओं ने फारस की खाड़ी पर ईरान के हमलों और उसके आर्थिक प्रभावों पर चर्चा की। विभाग ने एक बयान में कहा, “ शुक्रवार को वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कतर के वित्त मंत्री अली बिन अहमद अल कुवारी से मुलाकात की। मंत्री बेसेंट और मंत्री अल कुवारी ने खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देशों के खिलाफ ईरान के हमलों और उनके क्षेत्रीय एवं वैश्विक आर्थिक प्रभावों पर चर्चा की।” श्री बेसेंट ने इस बात पर बल दिया कि अमेरिका भविष्य में ईरान के हमलों और ऊर्जा एवं अन्य बाजारों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को रोकने के लिये प्रतिबद्ध है। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के ठिकानों पर हमले शुरू किये थे, जिसमें 3,000 से अधिक लोग मारे गये थे। वाशिंगटन और तेहरान ने आठ अप्रैल को दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की थी। इसके बाद इस्लामाबाद में हुई बातचीत बेनतीजा रही। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी है। मध्यस्थ अब बातचीत फिर शुरू कराने का प्रयास कर रहे हैं।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट