घर में दरिद्रता ला सकती हैं ये वास्तु गलतियां

घर में दरिद्रता ला सकती हैं ये वास्तु गलतियां

घर में गलत दिशा में सामान रखना या फिर साफ-सफाई का ध्यान न रखना आपके लिए वास्तु दोष का कारण बन सकता है, जिससे घर में दरिद्रता आती है। वास्तु शास्त्र में ऐसे और भी कई कारण बताए गए हैं, जो दरिद्रता का कारण बनते हैं। साथ ही वास्तु शास्त्र में घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए कुछ सरल वास्तु उपाय भी बताए गए हैं।

वास्तु के अनुसार दरिद्रता के मुख्य कारण

वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन की दिशा माना गया है। यहां भारी सामान जैसे फर्नीचर, भारी बक्से, कूड़ेदान या फिर शौचालय होने से धन का प्रवाह रुक जाता है।
घर की दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) दिशा में गड्ढा, तालाब या बोरिंग होने से बीमारियां और आर्थिक नुकसान संभव है।
मुख्य दरवाजा अगर टूटा हुआ, गंदा हैं, तो इससे भी लक्ष्मी जी का घर में प्रवेश नहीं होता। साथ ही वास्तु में काले रंग का दरवाजा या मुख्य द्वार पर अंधेरा होना भी दरिद्रता का कारण बनता है।
वास्तु के अनुसार दक्षिण-पश्चिम दिशा में रसोई के होने से घर की बरकत रुक सकती है। इसके साथ ही रात में किचन में गंदे बर्तन छोड़ना दरिद्रता को आमंत्रित करता है।
घर के मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल बिखरे होने से भी आपको दोष का सामना करना पड़ सकता है।
घर की दीवारों में सीलन या दरारें या फिर लंबे समय से बंद पड़ी घड़ियां भी घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का काम करती हैं।

नेगेटिविटी से छुटकारा पाने के सरल उपाय

घर जितना साफ-सुथरा और व्यवस्थित होगा, उतना ही ज्यादा पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो घर में बना रहेगा।
घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को हमेशा साफ-सुथरा और हल्का रखना चाहिए।
घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा को अन्य दिशाओं की तुलना में ऊंचा रखना चाहिए।
सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह के लिए नियमित रूप से घर में सुबह-शाम पूजा करें और कपूर जलाएं।
घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाने के लिए तुलसी का पौधा जरूर लगाएं।
घर में पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा-सा साधारण नमक डाल दें। ऐसा करने से नेगेटिविटी एनर्जी से आपको राहत मिल सकती है।
वास्तु शास्त्र में माना गया है कि घर में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा आने देनी चाहिए, इससे पॉजिटिविटी बढ़ती है।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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