अमेरिका-ईरान ऐतिहासिक परमाणु समझौता अंतिम चरण में: तेहरान परमाणु हथियार त्यागने को तैयार

अमेरिका-ईरान ऐतिहासिक परमाणु समझौता अंतिम चरण में: तेहरान परमाणु हथियार त्यागने को तैयार

नई दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता अब अपने अंतिम पड़ाव पर है, जिससे मध्य-पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ गई है। संभावित समझौते के तहत ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके साथ ही, तेहरान अपने पास मौजूद अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार को हटाने के लिए सहमत हो गया है, जिसे संभवतः रूस को हस्तांतरित किया जाएगा। यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि यह ईरान के परमाणु हथियारों के करीब पहुँचने के जोखिम को समाप्त करता है।

समझौते की रूपरेखा के अनुसार, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से अपनी नाकाबंदी धीरे-धीरे हटा लेगा, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार और तेल की आपूर्ति सुचारू हो सकेगी। अमेरिका ने भी प्रतिबंधों में ढील देने और ईरान को अपना तेल निर्यात करने की अनुमति देने का संकेत दिया है। वार्ता की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार, ईरान के जमे हुए धन की रिहाई और आर्थिक प्रतिबंधों पर राहत देने की प्रक्रिया अगले 60 दिनों की आगे की वार्ताओं में तय की जाएगी।

इस समझौते में इजराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने और क्षेत्रीय हस्तक्षेप न करने की शर्तें भी शामिल हैं। हालांकि, इजराइल ने अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतते हुए स्पष्ट किया है कि वह अपने क्षेत्रों की रक्षा के लिए कार्रवाई करने की पूरी स्वतंत्रता रखता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी स्पष्ट किया है कि किसी भी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर तभी होंगे जब ईरान पूरी तरह से अपना परमाणु कार्यक्रम समाप्त कर ले। वर्तमान में, 17 अप्रैल से लागू युद्धविराम के बाद यह शांति प्रयास क्षेत्र में स्थिरता के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत माने जा रहे हैं।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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