राष्ट्रपति चुनाव: मुर्मू 24 जून को दाखिल कर सकती हैं नामांकन..

राष्ट्रपति चुनाव: मुर्मू 24 जून को दाखिल कर सकती हैं नामांकन..

नई दिल्ली, 22 जून भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू 24 जून को नामांकन दाखिल कर सकती हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के उपस्थित रहने की संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक नामांकन के दौरान लगभग सभी केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और मुर्मू की उम्मीदवारी का समर्थन करने वाले बीजू जनता दल (बीजद) जैसे दलों के प्रमुख नेता भी मौजूद रहेंगे ताकि राजग उम्मीदवार के प्रति व्यापक समर्थन का संदेश जाए।

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी राजग उम्मीदवार मुर्मू के पहले प्रस्तावक हो सकते हैं।

राष्ट्रपति चुनाव में किसी उम्मीदवार को 50 प्रस्तावकों और 50 अनुमोदकों से हस्ताक्षरित नामांकन पत्र दाखिल करना होता है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक मुर्मू चार नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर इससे जुड़े नेताओं के साथ एक बैठक की।

भाजपा नेता, मुर्मू के चुनावी अभियान के तहत देश भर का दौरा करेंगे और राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचक मंडल के सदस्यों से उनके लिए समर्थन मांगेंगे। निर्वाचक मंडल में सांसद और विधायक शामिल हैं।

विपक्ष ने राष्ट्रपति चुनाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को संयुक्त उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में 18 जुलाई को मतदान होना तय है।

आंकड़ों के लिहाज से देखा जाए तो ओड़िशा से ताल्लुक रखने वाली मुर्मू का पलड़ा भारी है। बीजद ने पहले ही उनके समर्थन की घोषणा कर दी है। भाजपा को उम्मीद है कि वाईएसआर कांग्रेस और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) जैसे अन्य कुछ दल भी मुर्मू के समर्थन में आएंगे।

नड्डा ने मंगलवार को भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद राष्ट्रपति चुनाव में राजग के उममीदवार के रूप में मुर्मू के नाम की घोषणा की थी।

चौंसठ वर्षीय मुर्मू 2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं। वह झारखंड की पहली राज्यपाल थीं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। मुर्मू यदि यह चुनाव जीतने में सफल होती हैं तो वह देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी।

दीदारे हिन्द की रिपोर्ट

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