राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी, दो दिग्गज पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद 11 जुलाई को होने वाली बैठक में नए सीईओ की नियुक्ति पर लग सकती है मुहर

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी, दो दिग्गज पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद 11 जुलाई को होने वाली बैठक में नए सीईओ की नियुक्ति पर लग सकती है मुहर

अयोध्या, 29 जून । अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा पर इस्तीफा देने का भारी दबाव था, जिसके बाद दोनों ने अपने पद छोड़ दिए हैं। कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि की है। 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की त्रैमासिक बैठक में इन इस्तीफों को स्वीकार करने और नए प्रशासनिक ढांचे पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
नए सीईओ की रेस में दिग्गज नाम

एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में मंदिर के बेहतर प्रबंधन के लिए एक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की सिफारिश की है। इस महत्वपूर्ण पद के लिए निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र और अयोध्या के पूर्व जिलाधिकारी व सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा का नाम सबसे आगे चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से भारत लौटते ही केंद्र सरकार नए सीईओ के नाम पर अंतिम मुहर लगा सकती है, हालांकि इसके लिए ट्रस्ट के मौजूदा नियमों में कुछ कानूनी बदलाव करने होंगे।
इस्तीफों के बाद खाली होंगे तीन मुख्य पद

यदि आगामी बैठक में दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे मंजूर कर लिए जाते हैं, तो बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद से खाली पड़े पद को मिलाकर ट्रस्ट में कुल तीन बड़े पद रिक्त हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त, कुछ वरिष्ठ ट्रस्टी स्वास्थ्य कारणों और बढ़ती उम्र की वजह से केवल ऑनलाइन बैठकों तक ही सीमित हैं। ऐसे में केंद्र सरकार और संघ परिवार इस त्रैमासिक बैठक के दौरान ट्रस्ट में कई नए और सक्रिय चेहरों को शामिल कर पूरे प्रशासनिक तंत्र को एक नया स्वरूप दे सकते हैं।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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