मोदी ने देश को गुमराह करने का प्रयास किया : कांग्रेस
मोदी ने देश को गुमराह करने का प्रयास किया : कांग्रेस
नई दिल्ली, 19 अप्रैल । कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधयेक को पारित नहीं होने देने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से विपक्ष पर लगाये गये आरोप को गलत बताया है और कहा है कि उन्होंने असत्य बोलकर देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया।
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने श्री मोदी द्वारा शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में संविधान (131वें संशोधन) विधेयक 2026 को लोकसभा में पारित नहीं होने पर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों को महिला विरोधी करार दिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा. “प्रधानमंत्री का प्रयास हमारे लोकतंत्र और संघवाद को कमजोर करने और संविधान पर ठीक वैसा ही हमला था जिसकी आशंका खुद प्रधानमंत्री ने 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले ‘400 पार’ के आह्वान के समय जताई थी।” उन्होंने प्रधानमंत्री के सारे दावों को हास्यास्पद बताया और कहा कि इसमें सबसे हास्यास्पद यह था कि कांग्रेस ने जन धन, आधार, मोबाइल और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का विरोध किया था जबकि ये पूरी तरह से कांग्रेस की देन हैं। उनका कहना था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया। आधार की व्यवस्था डॉ. मनमोहन सिंह ने 29 सितंबर, 2010 को महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले से किया था। भारत की डिजिटल क्रांति की परिकल्पना और साकार रूप श्री राजीव गांधी के दृष्टिकोण और मिशन पर आधारित है। जीएसटी भी इसी तरह डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार द्वारा आगे बढ़ाया गया था, लेकिन गुजरात के एक पूर्व मुख्यमंत्री के विरोध के कारण ही यह उस समय पारित नहीं हो सका था। इसी मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 और एमजीएनआरईजीए का विरोध किया था, जो कोविड-19 महामारी के दौरान करोड़ों भारतीयों के लिए जीवन रेखा साबित हुए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री आदतन झूठ बोलते हैं और उन्होंने आज रात एक बार फिर यह साबित कर दिया। उन्होंने अपने भाषण में महिला आरक्षण के लिए ‘वक्त का इंतजार’ करने की बात कही है। उन्हें मालूम होना चाहिए कि महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए मुहूर्त की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा “कांग्रेस प्रधानमंत्री को चुनौती देती है कि वे कल संसद में लोकसभा की मौजूदा संरचना के तहत महिला आरक्षण लागू करने के लिए विधेयक पेश करें।”
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट