Hormuz Strait को खोलने के लिए लंदन में 30 से अधिक देशों की अहम सैन्य बैठक आज से शुरू
Hormuz Strait को खोलने के लिए लंदन में 30 से अधिक देशों की अहम सैन्य बैठक आज से शुरू
लंदन, ब्रिटेन की राजधानी लंदन में 30 से अधिक देशों के सैन्य अधिकारी हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और समुद्री जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो दिवसीय अहम बैठक कर रहे हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Hormuz Strait को फिर से खोलने के लिए वैश्विक स्तर पर बड़े प्रयास शुरू हो गए हैं। इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लंदन में 30 से अधिक देशों के सैन्य अधिकारी जुट रहे हैं। बुधवार से शुरू होने वाली इस दो दिवसीय बैठक का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय नौवहन को सुरक्षित बनाने की रणनीति तैयार करना है। इस बैठक में हिस्सा लेने वाले सभी देश अपनी कूटनीतिक सहमति को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए विस्तृत सैन्य योजना बनाएंगे।
बैठकों का मुख्य उद्देश्य
ब्रिटेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस दो दिवसीय बैठक में Hormuz Strait को खोलने की विस्तृत योजना बनेगी। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा को हर हाल में सुनिश्चित करना और व्यापार को बढ़ाना है। सैन्य क्षमताओं और सेना की तैनाती जैसे सभी तकनीकी और अहम पहलुओं पर इस बैठक में ठोस रणनीति बनाई जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय मिशन की शुरुआत
पिछले सप्ताह ही ब्रिटेन और फ्रांस के नेतृत्व में लगभग 12 से अधिक देशों ने इस अंतरराष्ट्रीय मिशन में शामिल होने की इच्छा जताई थी। जब भी परिस्थितियां अनुकूल होंगी यह मिशन Hormuz Strait में व्यापारिक और अन्य जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। इस मिशन को सफल बनाने के लिए दुनिया भर के देश एकजुट होकर काम करने का प्रयास कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान
यह वैश्विक प्रतिबद्धता तब सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्हें सहयोगी देशों की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान के बाद यूरोप एशिया और मध्य पूर्व के लगभग 50 देशों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी एकजुटता दिखाई थी। इसके बाद से ही सभी सहयोगी देश मिलकर इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए तकनीकी रणनीति तैयार कर रहे हैं।
रक्षा मंत्री का महत्वपूर्ण बयान
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह अहम बैठक पिछले सप्ताह की गई बातचीत में हुई प्रगति को और आगे ले जाएगी। रक्षा मंत्री जॉन हीली ने कहा कि राजनयिक सहमति को एक संयुक्त योजना में बदलना ही उनका मुख्य काम है। इससे नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी और इस अशांत क्षेत्र में स्थाई युद्धविराम को भारी समर्थन भी मिल सकेगा।
सेनाओं की तैनाती की योजना
लंदन में हो रही इस चर्चा में भाग लेने वाले सभी देश अपनी मौजूदा सैन्य क्षमताओं और कमांड व्यवस्था पर बात करेंगे। योजनाकारों का पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि क्षेत्र में शांति के लिए सेनाओं को किस प्रकार तैनात किया जाए। एक स्थाई युद्धविराम के बाद Hormuz Strait को सुरक्षित रूप से संचालित करने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस इसका नेतृत्व कर रहे हैं।
वैश्विक व्यापार की सुरक्षा
यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है जिसे सुरक्षित रखना सभी देशों के लिए जरूरी है। यही कारण है कि 30 से ज्यादा देश इस सैन्य अभियान में एक साथ आए हैं ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को कोई नुकसान न हो। अंतरराष्ट्रीय मिशन का अंतिम लक्ष्य यही है कि दुनिया भर का व्यापार बिना किसी रुकावट के इस रास्ते से सुरक्षित गुजर सके।
भविष्य की सुरक्षा रणनीति
यह अंतरराष्ट्रीय सैन्य बैठक केवल वर्तमान समस्या का समाधान नहीं खोज रही बल्कि भविष्य की सुरक्षा रणनीति भी बना रही है। सभी प्रतिभागी देश इस बात पर सहमत हैं कि इस समुद्री क्षेत्र में बार-बार उत्पन्न होने वाले संकट को हमेशा के लिए खत्म करना होगा। इसके लिए निरंतर सैन्य समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है ताकि शांति बनी रहे।