कविता : युवा शक्ति की प्रेरणा
कविता : युवा शक्ति की प्रेरणा

विश्व पटल पर आपसे, बढ़ा देश का मान।
युवा विवेकानंद हैं, भारत का अभिमान॥
युवा विवेकानंद ने, दी अद्भुत पहचान।
युवा शक्ति की प्रेरणा, करे विश्व गुणगान॥
जाकर देश-विदेश में, दिया यही संदेश।
धर्म, कर्म, अध्यात्म का, मेरा भारत देश॥
अखिल विश्व में है किया, हिंदी का उत्कर्ष।
हिंदी भाषा श्रेष्ठ है, है गौरव, है हर्ष॥
श्रेष्ठ हमारी सभ्यता, है संस्कृति महान।
श्रेष्ठ हमारे आचरण, श्रेष्ठ हमारा ज्ञान॥
लक्ष्य-प्राप्ति हित अनवरत, करो सदा संघर्ष।
युवा शक्ति हो संघटित, खूब करे उत्कर्ष॥
आलोकित पथ को करे, भाव भरे अनमोल।
नमन विवेकानंद को, करे सभी दिल खोल॥
परमहंस से सीखकर, बने विवेकानंद।
पाकर सौरभ प्रेरणा, खिले हृदय मकरंद॥
— डॉ. प्रियंका सौरभ
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