एफसीएनआर जमा पर बार्कलेज की चेतावनी, उम्मीद से कम रह सकती है पूंजी प्रवाह, रुपये में बनी रहेगी गिरावट की आशंका
एफसीएनआर जमा पर बार्कलेज की चेतावनी, उम्मीद से कम रह सकती है पूंजी प्रवाह, रुपये में बनी रहेगी गिरावट की आशंका
नई दिल्ली, 17 जुलाई । बार्कलेज रिसर्च की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एफसीएनआर (विदेशी मुद्रा अनिवासी) जमा में होने वाली आमद बाजार की ऊंची अपेक्षाओं के मुकाबले कम रह सकती है। हालांकि जून में पूंजी प्रवाह बढ़ाने के लिए सरकार और आरबीआई ने कई उपाय किए थे, जिसके तहत 50 से 70 अरब डॉलर की आमद का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अब तक की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही है। बार्कलेज का मानना है कि योजना की शेष अवधि में इसे बाजार के लक्ष्यों तक पहुँचाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होगा।
रुपये पर कच्चे तेल और वैश्विक दबाव
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आ रहे उछाल और आयातकों द्वारा डॉलर की निरंतर मांग के कारण भारतीय रुपये पर दबाव बना हुआ है। ब्रोकरेज कंपनी ने स्पष्ट किया है कि रुपये में क्रमिक रूप से गिरावट जारी रहने की संभावना है। हालांकि आरबीआई के उपायों ने अत्यधिक दबाव के जोखिम को कम किया है और भुगतान संतुलन में मदद की है, लेकिन तेल की बढ़ती कीमतें रुपये के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई हैं।
निवेश के मोर्चे पर मिश्रित संकेत
बार्कलेज ने यह भी स्पष्ट किया है कि 2013 की एफसीएनआर योजना और मौजूदा योजना की तुलना करना भ्रामक हो सकता है, क्योंकि अमेरिका में उच्च ब्याज दरों के कारण इन जमाओं के प्रति आकर्षण कम हुआ है। सकारात्मक पक्ष पर, पोर्टफोलियो निवेश में उत्साहजनक संकेत दिख रहे हैं। वैश्विक बॉन्ड सूचकांकों में भारतीय सरकारी बॉन्ड को शामिल किए जाने की उम्मीद से विदेशी निवेशकों का बॉन्ड आवंटन स्थाई रूप से बढ़ने की संभावना है, जो भविष्य में पूंजी प्रवाह को सहारा दे सकता है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट