जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में जुटा विपक्ष, पवन खेड़ा समेत कई बड़े नेताओं ने की मुलाकात, सरकार पर बरसे
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में जुटा विपक्ष, पवन खेड़ा समेत कई बड़े नेताओं ने की मुलाकात, सरकार पर बरसे
नई दिल्ली, 17 जुलाई । लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा नीट पेपर लीक मामले और अन्य मांगों को लेकर की जा रही भूख हड़ताल अब 20वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों का जमावड़ा बढ़ गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आज धरनास्थल पर पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की और केंद्र सरकार को बेहद असंवेदनशील करार दिया। इससे पहले आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं ने भी वांगचुक से मिलकर उनके संघर्ष के प्रति अपना समर्थन जताया है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल नीट परीक्षा प्रणाली की विफलता को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक विरोध की भाषा समझने में विफल रही है, जिसके कारण अब विरोध के तरीके को और अधिक सख्त बनाने की आवश्यकता है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तो वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने तक की मांग उठा दी है, जिससे सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है।
राज ठाकरे ने भी की प्रधानमंत्री से अपील
विपक्षी एकजुटता के बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि सरकार विरोध प्रदर्शन के मौलिक अधिकारों को सीमित करने का प्रयास कर रही है। राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि वे केवल नीट ही नहीं, बल्कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करें। बढ़ते राजनीतिक समर्थन के बीच, यह आंदोलन अब एक बड़े राष्ट्रीय मुद्दे का रूप ले चुका है, जिस पर सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट