अमेरिका ने विदेशी छात्रों के लिए वीजा नियमों में की सख्ती, अब अधिकतम 4 साल तक ही रह पाएंगे भारतीय छात्र
अमेरिका ने विदेशी छात्रों के लिए वीजा नियमों में की सख्ती, अब अधिकतम 4 साल तक ही रह पाएंगे भारतीय छात्र
वॉशिंगटन, 17 जुलाई। अमेरिका ने विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और पत्रकारों के लिए वीजा नियमों को और अधिक कड़ा कर दिया है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार, एफ (छात्र), जे (एक्सचेंज विजिटर्स) और आई (पत्रकार) श्रेणी के वीजा धारकों के लिए रहने की अवधि अब अधिकतम चार साल तय कर दी गई है। यह कदम दशकों से चले आ रहे उस सिस्टम को समाप्त करता है, जिसके तहत विदेशी छात्र बिना किसी कड़ी निगरानी के अनिश्चित काल तक अमेरिका में रह सकते थे।
इमिग्रेशन सिस्टम की सुरक्षा और जवाबदेही
डीएचएस सेक्रेटरी ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव इमिग्रेशन सिस्टम में ईमानदारी लाने और वीजा के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि कई लोग लंबे समय तक कोर्स में एनरोल होकर अमेरिका छोड़ने से बचते रहे हैं। अब छात्रों को अपने शैक्षिक उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। यदि किसी छात्र को अपना प्रोग्राम पूरा करने के लिए चार साल से अधिक समय की आवश्यकता है, तो उन्हें अमेरिकी सिटिजनशिप और इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) के माध्यम से औपचारिक रूप से रहने की अवधि विस्तार के लिए आवेदन करना होगा।
निगरानी और प्रक्रिया में बदलाव
नए नियमों के तहत अब निगरानी की जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी स्टाफ से हटकर सीधे फेडरल अथॉरिटीज के पास चली गई है। इसके अतिरिक्त, ग्रेजुएशन या कोर्स पूरा होने के बाद स्टेटस बदलने या देश छोड़ने के लिए मिलने वाला समय 60 दिनों से घटाकर 30 दिन कर दिया गया है। आवेदकों को अब पहले से अधिक कठोर बायोमेट्रिक जांच, बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और फ्रॉड स्क्रीनिंग प्रक्रिया से गुजरना होगा। यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और विदेशी छात्रों की आवाजाही पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट