होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता के लिए चीन ने ईरान पर बनाया दबाव

होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता के लिए चीन ने ईरान पर बनाया दबाव

-बीजिंग ने तेहरान से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग सुरक्षित रखने की अपील की, शांति वार्ता के बीच वैश्विक तेल संकट पर जताई चिंता

बीजिंग, 17 अप्रैल। चीन के विदेश मंत्री वांग ई ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर महत्वपूर्ण चर्चा करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। बीजिंग की ओर से यह पहली आधिकारिक अपील है, जो तेहरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई है। वांग ई ने अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी मांगते हुए कहा कि यह वैश्विक समुदाय की साझा मांग है। गौरतलब है कि चीन ईरान के तेल का सबसे बड़ा आयातक है और अमेरिकी नाकेबंदी के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट ने बीजिंग की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

ईरान और ओमान के बीच स्थित करीब 55 किलोमीटर चौड़ा होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग को खुला रखना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रमुख शर्तों में से एक है, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह रोकने पर अड़े हुए हैं। वांग ई ने अराघची से स्पष्ट कहा कि वर्तमान स्थिति संघर्ष और शांति के बीच एक निर्णायक मोड़ पर है, जहाँ शांति के लिए एक नया अवसर उभर रहा है। चीन ने ईरान की संप्रभुता का समर्थन करते हुए भी जलमार्ग में सामान्य आवागमन बहाल करने पर जोर दिया है।

यह बातचीत उस समय हुई है जब पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शांति प्रस्ताव लेकर तेहरान पहुंचा है। ईरानी विदेश मंत्री ने बीजिंग को भरोसा दिलाया कि तेहरान शांतिपूर्ण वार्ता के जरिए तार्किक समाधान खोजने के लिए तैयार है और उम्मीद जताई कि चीन इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएगा। हालांकि, पिछले सप्ताह इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता का पहला दौर बेनतीजा रहा था, जिसके बाद अमेरिका ने सख्त नाकेबंदी लागू की थी। चीन ने इस अमेरिकी नाकेबंदी को “खतरनाक” बताते हुए चेतावनी दी है कि इससे नाजुक युद्धविराम कमजोर पड़ सकता है।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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