जरूरत पड़ी तो फिर करेंगे हमला…, अमेरिका-ईरान बातचीत के बीच इजरायल ने दी खुली चेतावनी, कहा- हम पूरी तरह तैयार
जरूरत पड़ी तो फिर करेंगे हमला…, अमेरिका-ईरान बातचीत के बीच इजरायल ने दी खुली चेतावनी, कहा- हम पूरी तरह तैयार
तेहरान, इजरायली सेना प्रमुख जनरल अयाल जमिर ने रविवार को उत्तरी कमान में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के दौरान कहा है कि सेना जरूरत पड़ने पर ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कुछ प्रगति होने की खबरें सामने आई हैं।
जमिर ने कहा कि इजरायली सेना तुरंत और बड़े स्तर पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सेना का लक्ष्य ईरान की क्षमताओं को जितना हो सके उतना कमजोर करना है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने तक सेना पूरी तैयारी और लचीलापन बनाए रखेगी।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत जारी
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने को लेकर बातचीत चल रही है। हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच अब भी मतभेद बने हुए हैं। इन घटनाक्रमों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट की बैठक भी रविवार शाम को होने की संभावना जताई गई।
सेना प्रमुख जमिर ने कहा कि इजरायली सेना लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उनके मुताबिक, सेना हर स्तर पर हिज्बुल्लाह को निशाना बना रही है। इजरायल और लेबनान के बीच अप्रैल में युद्धविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन इसके बावजूद इजरायली सेना अब तक दक्षिणी लेबनान से पूरी तरह पीछे नहीं हटी है। इजरायल का कहना है कि वह हिज्बुल्लाह के ठिकानों और लड़ाकों को निशाना बनाकर रोजाना हमले कर रहा है।
ईरान के पास नहीं होगा परमाणु बम
इस बीच प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस बात पर सहमति बनी है कि ईरान से जुड़े किसी भी अंतिम समझौते में परमाणु खतरे को पूरी तरह खत्म करना जरूरी होगा।
नेतन्याहू ने कहा कि उनकी और ट्रंप की राय है कि ईरान के साथ किसी भी अंतिम समझौते में उसके परमाणु खतरे को पूरी तरह खत्म किया जाना चाहिए। इसके तहत ईरान के परमाणु संवर्धन केंद्रों को बंद करना और उसके पास मौजूद संवर्धित परमाणु सामग्री को देश से हटाना शामिल होना चाहिए।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट