क्या हंतावायरस बनेगा अगली महामारी? 12 देशों में हाई अलर्ट, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जारी की चेतावनी
क्या हंतावायरस बनेगा अगली महामारी? 12 देशों में हाई अलर्ट, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जारी की चेतावनी
नई दिल्ली, क्रूज पर हंतावायरस फैलने से 3 यात्रियों की मौत हो गई है। WHO ने ब्रिटेन, अमेरिका और जर्मनी समेत 12 प्रमुख देशों को अलर्ट किया है और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार जांच कर रहे हैं।
अर्जेंटीना से निकले एक मशहूर डच जहाज एमवी होंडियस पर अचानक हंतावायरस ने भयानक कहर बरपाया है। इस जानलेवा बीमारी के कारण अब तक जहाज पर सवार तीन विदेशी यात्रियों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस चौंकाने वाली घटना के बाद से पूरी दुनिया के स्वास्थ्य विभाग और वैज्ञानिक हाई अलर्ट पर आ गए हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब तक जहाज से जुड़े कुल आठ मामलों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है। इनमें से पांच मामलों में हंतावायरस संक्रमण पूरी तरह स्पष्ट है, जबकि तीन अन्य यात्री अभी संदिग्ध माने जा रहे हैं। यह बीमारी शुरुआत में साधारण फ्लू जैसी लगती है, लेकिन फिर अचानक बेहद गंभीर और जानलेवा रूप धारण कर लेती है।
WHO ने 12 देशों में जारी किया हाई अलर्ट
WHO ने पूरी सतर्कता बरतते हुए आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन, अमेरिका और जर्मनी समेत 12 प्रमुख देशों को अलर्ट किया है। इन देशों के कई नागरिक सेंट हेलेना में इस संक्रमित क्रूज शिप से सुरक्षित नीचे उतरे थे। स्वास्थ्य अधिकारियों ने राहत की सांस ली है क्योंकि अन्य यात्रियों में अभी इस वायरस के कोई खास लक्षण नहीं हैं।
इस बड़े क्रूज पर जानलेवा हंतावायरस का पहला मामला छह अप्रैल को एक पुरुष यात्री में सामने आया था। बीमारी बहुत गंभीर होने के कारण ग्यारह अप्रैल को उस पीड़ित व्यक्ति ने जहाज पर ही अपना दम तोड़ दिया। जहाज रुकने के बाद जोहानसबर्ग पहुंचे एक अन्य यात्री की भी मौत हुई और स्विट्जरलैंड में भी एक केस मिला।
महामारी नहीं है हंतावायरस
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने मीडिया को स्पष्ट किया है कि हंतावायरस कोविड-19 जैसी कोई नई और खतरनाक महामारी नहीं है। यह विशेष वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों के मल-मूत्र और लार के सीधे संपर्क में आने से ही तेजी से फैलता है। यह संक्रमण केवल बंद जगहों में फैल सकता है और आमतौर पर इंसानों से इंसानों में नहीं जाता है।
स्थितियों को पूरी तरह काबू में करने के लिए काबो वर्दे में डब्ल्यूएचओ का एक वरिष्ठ विशेषज्ञ इस क्रूज पर सवार हुआ है। उनके साथ नीदरलैंड के दो डॉक्टर और यूरोपीय नियंत्रण केंद्र का एक अनुभवी विशेषज्ञ भी इस जांच टीम में शामिल है। यह पूरी टीम कैनेरी द्वीप समूह पहुंचने तक वहां मौजूद सभी यात्रियों की लगातार और गहन स्वास्थ्य जांच करेगी।
क्या हैं हंतावायरस के खतरनाक लक्षण?
हंतावायरस का हमला बहुत ही खामोश होता है और यह शुरुआत में बिल्कुल साधारण बुखार और बदन दर्द जैसा महसूस होता है। लेकिन कुछ ही समय बाद यह मरीज की खून की नसों को पूरी तरह कमजोर कर देता है जिससे फेफड़ों में पानी भरता है। ऐसी बेहद गंभीर स्थिति में मरीज की जान बचाने के लिए सिर्फ ईसीएमओ मशीन का ही सहारा लिया जा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि इस जानलेवा संक्रमण को फैलने से तुरंत रोका जा सके। जहाज पर पूरी एहतियात बरती जा रही है क्योंकि वायरस की इनक्यूबेशन अवधि लगभग छह हफ्ते तक की लंबी हो सकती है। सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं ताकि इस भयंकर वायरस की पूरी चेन को जल्द से जल्द तोड़ा जा सके।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट