आईएईए प्रमुख ने ईरान के परमाणु स्थलों के निरीक्षण को बताया अनिवार्य, तेहरान ने दावे को नकारा, छिड़ी ‘शब्दों की जंग’

आईएईए प्रमुख ने ईरान के परमाणु स्थलों के निरीक्षण को बताया अनिवार्य, तेहरान ने दावे को नकारा, छिड़ी ‘शब्दों की जंग’

तेहरान, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था (आईएईए) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने स्पष्ट किया है कि ईरान के परमाणु केंद्रों का निरीक्षण हर हाल में होगा। यह प्रक्रिया अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया समझौते का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु भंडार की निगरानी करना है। ग्रॉसी ने जोर देकर कहा कि समझौते के तहत परमाणु गतिविधियों की निगरानी और निरीक्षण अनिवार्य है, भले ही इसमें कुछ समय लगे।

आईएईए के दावों को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने इसे ‘मीडिया हाइप’ करार देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का निरीक्षण केवल अंतिम समझौते और प्रतिबंधों के पूरी तरह हटने के बाद ही संभव है। तेहरान का मानना है कि इस तरह के दबाव वाले बयानों से बातचीत की नाजुक स्थिति और बिगड़ सकती है, जबकि वे केवल व्यावहारिक कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

वर्ष 2025 में इजराइल के साथ संघर्ष के बाद से ही तेहरान ने आईएईए को अपनी प्रमुख एनरिचमेंट साइट्स तक पहुंच से रोक रखा है, जिससे वैश्विक चिंताओं में इजाफा हुआ है। वर्तमान में दोनों देश अपने परमाणु स्टॉकपाइल को कम करने और प्रतिबंधों में ढील देने के समझौते पर काम कर रहे हैं। इस मुद्दे पर अगली तकनीकी स्तर की बातचीत स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक रिज़ॉर्ट में होने की उम्मीद है, जो इस गतिरोध को सुलझाने के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

Related Articles

Back to top button