अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल $79 के पार, भारत में बढ़ सकती है महंगाई और ईंधन की कीमतें

अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल $79 के पार, भारत में बढ़ सकती है महंगाई और ईंधन की कीमतें

नई दिल्ली, । अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 79 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई हैं, जबकि अमेरिकी क्रूड (डबल्यूटीआई) में भी तेजी देखी गई है। यह संकट तब और गहरा गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ संघर्षविराम समाप्त करने की घोषणा की और सैन्य हमलों की पुष्टि की। मध्य पूर्व में आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने निवेशकों और वैश्विक बाजारों में घबराहट पैदा कर दी है।
शेयर बाजारों में अनिश्चितता का माहौल

भू-राजनीतिक अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ा है। बुधवार को अमेरिकी बाजार मिलेजुले रुख के साथ बंद हुए, जिसमें डाऊ जोंस और एसएंडपी 500 सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, तकनीकी शेयरों के दम पर नैस्डैक में मामूली बढ़त देखने को मिली। निवेशकों के बीच युद्ध की आहट से डर का माहौल है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि तनाव बढ़ने से शेयर बाजार में और अधिक बिकवाली देखने को मिल सकती है।
भारत के लिए बढ़ता आर्थिक संकट

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अमेरिका-ईरान टकराव लंबा खिंचा, तो होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे प्रमुख समुद्री मार्गों से तेल की आपूर्ति ठप हो सकती है, जहाँ से दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। आपूर्ति में रुकावट से कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ेगा। इससे ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि के साथ-साथ महंगाई बढ़ने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालेगा।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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