अब आयुष पद्धति से भी मिलेगा कैशलेस इलाज
अब आयुष पद्धति से भी मिलेगा कैशलेस इलाज
वाराणसी, 08 जून। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, समावेशी तथा जनहितकारी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत आयुष चिकित्सा पद्धतियों को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी जैसी आयुष पद्धतियों की आईपीडी सेवाओं को योजना से जोड़ा जाए, ताकि काशीवासियों व प्रदेशवासियों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से भी कैशलेस उपचार की सुविधा प्राप्त हो सके।
प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में “नया मील का पत्थर” बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए प्रभावी और दूरदर्शी कदम उठा रही है।
डॉ. दयालु ने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक तकनीक व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़कर एक मजबूत एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे हर नागरिक को सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सके।
इस निर्णय के बाद मरीजों को आयुष चिकित्सा के तहत बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए यह पहल बड़ी राहत साबित होगी। सरकार का उद्देश्य है कि स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता और सम्मानजनक तरीके से पहुंचे।
आयुष मंत्री ने कहा कि कैशलेस इलाज की यह सुविधा विशेष रूप से गरीब, ग्रामीण और जरूरतमंद मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। सरकार की प्राथमिकता है कि आर्थिक अभाव किसी भी व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने और प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस निर्णय से प्रदेश में आयुष चिकित्सा पद्धतियों के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत होगा तथा स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और अधिक विस्तृत बनेगा।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट