यूरोप में भीषण गर्मी का कहर: फ्रांस में 1,000 से अधिक मौतें, दशकों के रिकॉर्ड टूटे और चरमराई जनजीवन की व्यवस्था

यूरोप में भीषण गर्मी का कहर: फ्रांस में 1,000 से अधिक मौतें, दशकों के रिकॉर्ड टूटे और चरमराई जनजीवन की व्यवस्था

पेरिस/बर्लिन, 29 जून । पूरा यूरोप इस समय लू की एक अभूतपूर्व और घातक लहर की चपेट में है। फ्रांस की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में भीषण गर्मी के चलते 1,000 से अधिक लोगों की जान चली गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि गर्मी के चरम दिनों में प्रतिदिन होने वाली मौतों का औसत सामान्य से कहीं अधिक बढ़कर 1,400 के पार पहुंच गया, जिनमें 85 प्रतिशत मृतक 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग थे।
यूरोप बन रहा ‘साइलेंट किलर’ का केंद्र

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चिंता जताते हुए कहा है कि यूरोप वैश्विक औसत से दोगुनी गति से गर्म हो रहा है। वर्तमान में लगभग 15 करोड़ लोग इस अत्यधिक गर्मी का सामना कर रहे हैं, जिसके कारण स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं और बिजली ग्रिड पर भारी दबाव है। वैज्ञानिकों का स्पष्ट मानना है कि जलवायु परिवर्तन के बिना इस प्रकार की भीषण गर्मी और उमस संभव नहीं थी, जो अब एक ‘साइलेंट किलर’ के रूप में उभर रही है।
जंगलों में आग और बुनियादी ढांचे पर असर

गर्मी की यह लहर अब पूर्वी यूरोप की ओर बढ़ रही है, जहाँ जर्मनी, चेक गणराज्य और पोलैंड में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचकर सर्वकालिक रिकॉर्ड तोड़ रहा है। जर्मनी के जंगलों में लगी भीषण आग को बुझाने में द्वितीय विश्व युद्ध के अनफटे गोला-बारूद के कारण बाधा आ रही है। इसके अतिरिक्त, गर्मी से रेल पटरियां पिघल रही हैं और सड़कों की सतहें उखड़ रही हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

Related Articles

Back to top button