अमेरिकी कोयला उद्योग में 6700 करोड़ रुपए निवेश की घोषणा, ट्रंप बोले-हर साल 1.2 करोड़ टन निर्यात का लक्ष्य
अमेरिकी कोयला उद्योग में 6700 करोड़ रुपए निवेश की घोषणा, ट्रंप बोले-हर साल 1.2 करोड़ टन निर्यात का लक्ष्य
वाशिंगटन,। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कोयला उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने कोयला आधारित बिजलीघरों, कोयला खदानों और निर्यात से जुड़े ढांचे को सरकारी समर्थन देने का वादा किया।
व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने इस पहल को ऊर्जा की कीमतें कम करने और देश के बिजली ग्रिड को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक मजबूती के लिए कोयला आज भी बेहद जरूरी है। आज हम ऊर्जा की कीमतें और लोगों के जीवन-यापन का खर्च कम करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रहे हैं और इसके लिए कोयले की ताकत का इस्तेमाल होगा।”
राष्ट्रपति ने 700 मिलियन डॉलर (करीब 6700 करोड़ भारतीय रुपए) के एक संघीय निवेश पैकेज की घोषणा की। उनका कहना है कि इससे मौजूदा कोयला परियोजनाओं को मदद मिलेगी और नए विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
ट्रंप ने कहा, “आज जिस 700 मिलियन डॉलर के निवेश की मैं घोषणा कर रहा हूं, उसके परिणामस्वरूप हम 14 कोयला बिजलीघरों और 42 कोयला खदानों की रक्षा करेंगे। साथ ही दो नए कोयला बिजलीघर और एक बड़ा नया निर्यात टर्मिनल भी बनाया जाएगा।”
ट्रंप के अनुसार, “इन कदमों से कोयला उत्पादन वाले इलाकों में रोजगार को भी सहारा मिलेगा। 14,000 से ज्यादा नौकरियों को समर्थन मिलेगा और अमेरिकी लोगों के बिजली खर्च में 50 अरब डॉलर की बचत होगी।”
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि कई कोयला आधारित बिजलीघरों को चालू रखने के लिए आपातकालीन अधिकारों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा, “आज हम आधिकारिक रूप से डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि वेस्ट वर्जीनिया, केंटकी, नॉर्थ कैरोलाइना, इंडियाना, टेनेसी, एरिजोना, अर्कांसस, ओक्लाहोमा, नॉर्थ डकोटा और विस्कॉन्सिन में स्थित 13 कोयला बिजलीघरों को बचाया जा सके।”
प्रशासन का कहना है कि इस कदम से इन संयंत्रों को आधुनिक बनाने और आने वाले कई दशकों तक चलाने में मदद मिलेगी। ट्रंप ने कहा, “हमारे इस कदम से ये बिजलीघर अपने सिस्टम को अपग्रेड कर सकेंगे। इससे इनकी संचालन अवधि कई दशकों तक बढ़ जाएगी और हमारे बिजली ग्रिड की विश्वसनीयता और मजबूत होगी।”
राष्ट्रपति ने एक बड़े निर्यात प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इस गर्मी से वेस्ट गेटवे प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू होगा और 2028 की गर्मियों तक हर साल 1.2 करोड़ टन साफ-सुथरा और अच्छी गुणवत्ता का कोयला दुनियाभर के देशों को भेजा जाएगा।”
गृह मंत्री डग बर्गम ने कहा कि प्रशासन ने कोयला परियोजनाओं की मंजूरी की प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है। बर्गम ने कहा, “जब आपने पद संभाला था, तब सबसे पहला काम ऊर्जा आपातकाल घोषित करना था। हमने अनावश्यक नियमों और प्रक्रियाओं में बड़ी कटौती की है।” उन्होंने दावा किया कि बाइडेन प्रशासन के चार वर्षों के दौरान एक भी नया कोयला पट्टा (लीज) जारी नहीं हुआ, जबकि ट्रंप प्रशासन ने 76 परमिट और लीज को मंजूरी दी है।
ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि आधुनिक उद्योग और बिजली उत्पादन के लिए कोयला अब भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “साफ-सुथरे और अच्छी गुणवत्ता वाले कोयले के बिना आधुनिक दुनिया की कल्पना नहीं की जा सकती। पिछले 125 वर्षों से यह दुनिया में बिजली उत्पादन का सबसे बड़ा स्रोत रहा है और आने वाले कई दशकों तक बना रहेगा।”
ट्रंप ने इस पहल को विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और घरेलू ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की अपनी व्यापक योजना का हिस्सा बताया। उनका कहना है कि अमेरिका की आर्थिक बढ़त बनाए रखने के लिए भरोसेमंद और लगातार उपलब्ध बिजली बेहद जरूरी होगी।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट