बगैर गॉडफादर के सलीम जैदी ने बनाई खुद की पहचान

बगैर गॉडफादर के सलीम जैदी ने बनाई खुद की पहचान

मुंबई, छोटे परदे का लोकप्रिय धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ में टिल्लू के किरदार से घर-घर में मशहूर हुए अभिनेता सलीम जैदी का सफर संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल माना जाता है। अभिनेता सलीम जैदी आज टीवी इंडस्ट्री का चर्चित चेहरा बन चुके हैं। मनोरंजन जगत में बगैर गॉडफादर के उन्होंने अपनी पहचान खुद बनाई और लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए। उत्तर प्रदेश के रामपुर में जन्मे सलीम जैदी का बचपन काफी कठिनाइयों में बीता। बहुत कम उम्र में उनकी मां का निधन हो गया था। इसके बाद उनके पिता और बहनों ने उन्हें मां का प्यार देकर पाला। उनके पिता पेशे से शिक्षक थे और उन्होंने अकेले ही बच्चों की परवरिश की। सलीम बताते हैं कि परिवार से मिले संस्कारों ने उन्हें हर परिस्थिति में मजबूत बने रहना सिखाया। एक बातचीत के दौरान सलीम ने बताया कि उनकी शुरुआती पढ़ाई रामपुर के जुल्फिकार इंटर कॉलेज और सुंदर लाल इंटर कॉलेज में हुई। इसके बाद उन्होंने रजा डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई में अच्छे होने के बावजूद उनका मन अभिनय, गजल और सांस्कृतिक गतिविधियों में अधिक लगता था।
अपने सपनों को पूरा करने के लिए वह दिल्ली पहुंचे और इग्नू से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की। दिल्ली में उनकी मुलाकात ऑल इंडिया रेडियो से जुड़े दानिश इकबाल से हुई, जिन्होंने उन्हें ‘दाराशिकोह’ नाटक में जहांगीर की भूमिका दी। इस किरदार ने उनके भीतर अभिनय को लेकर नया आत्मविश्वास पैदा किया। इसके बाद उन्होंने थिएटर, रेडियो और स्टेज पर काम करना शुरू कर दिया। साल 2013 में सलीम जैदी ने मुंबई का रुख किया। यहां उनका संघर्ष बेहद कठिन रहा। छोटे कमरे में रहना, खुद खाना बनाना और घंटों ऑडिशन के लिए भटकना उनकी दिनचर्या बन गई थी। इस दौरान उन्हें ‘भाग मिल्खा भाग’, ‘विकी डोनर’, ‘ओ तेरी’ और ‘ट्रिप टू भानगढ़’ जैसी फिल्मों में छोटे किरदार मिले। टीवी पर भी उन्होंने ‘एफआईआर’ और ‘जीनी और जूजू’ जैसे धारावाहिकों में काम किया, लेकिन उन्हें उस मौके का इंतजार था जो उनकी जिंदगी बदल दे।
यह मौका उन्हें ‘भाभी जी घर पर हैं’ में टिल्लू के किरदार से मिला। सलीम ने इस रोल को अपने खास अंदाज और रामपुर की स्थानीय बोली के साथ इतना जीवंत बना दिया कि उनके संवाद दर्शकों की जुबान पर चढ़ गए। ‘कसम खा के के रिया हूं’, ‘मेरा दिमाग बहुत भिन्नोट हो रिया है’ और ‘समझ रिये हो’ जैसे डायलॉग ने उन्हें खास पहचान दिलाई। उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें ‘दादा साहब फाल्के आइकॉन अवार्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने अप्रैल 2019 में साहिबा जैदी से अरेंज मैरिज की थी। खास बात यह रही कि शादी से पहले दोनों कभी मिले भी नहीं थे। आज दोनों खुशहाल वैवाहिक जीवन जी रहे हैं।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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