रवि किशन ने कास्टिंग काउच का ऑफर ठुकराया, हादसे में टूटी हड्डियां, फिर भी नहीं मानी हार

रवि किशन ने कास्टिंग काउच का ऑफर ठुकराया, हादसे में टूटी हड्डियां, फिर भी नहीं मानी हार

मुंबई, 17 जुलाई। भोजपुरी और बॉलीवुड अभिनेता रवि किशन आज अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं। 17 जुलाई 1969 को मुंबई में जन्मे अभिनेता का असली नाम रविन्द्र किशन शुक्ला है। उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का रहने वाला है। बचपन के कुछ साल मुंबई में बिताने के बाद आर्थिक तंगी के कारण परिवार गांव लौट गया। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे रवि किशन का बचपन बेहद कठिन परिस्थितियों में गुजरा।

रवि किशन को बचपन से अभिनय का शौक था। गांव की रामलीला में वह माता सीता का किरदार निभाते थे और इसके लिए अपनी मां की साड़ी पहनते थे। लेकिन उनके पुजारी पिता को यह बिल्कुल पसंद नहीं था। एक बार जब उन्होंने रवि को सीता के रूप में देखा तो गुस्से में बेल्ट से उनकी पिटाई कर दी। हालात इतने बिगड़ गए कि उनकी मां ने उन्हें 500 रुपये दिए और कहा कि जान बचानी है तो घर छोड़ दो। इसके बाद रवि किशन ट्रेन पकड़कर मुंबई आ गए।

मुंबई में संघर्ष और पहली फिल्म
मुंबई पहुंचने के बाद रवि किशन ने फिल्मों में काम पाने के लिए कई स्टूडियो के चक्कर लगाए। करीब 17 साल की उम्र में उन्हें पहली फिल्म ‘पीतांबर’ मिली, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने ‘आग का तूफान’, ‘रानी और महारानी’, ‘जख्मी दिल’ और ‘उधार की जिंदगी’ जैसी फिल्मों में छोटे-छोटे किरदार निभाए। संघर्ष के इसी दौर में उन्हें कास्टिंग काउच का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने समझौता करने से साफ इनकार कर दिया।

तेरे नाम से मिली नई पहचान
रवि किशन के करियर का सबसे बड़ा मोड़ फिल्म ‘तेरे नाम’ साबित हुई। इस फिल्म में उन्होंने पंडित रमेश्वर का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। उन्होंने बताया था कि निर्देशक सतीश कौशिक ने उन्हें यह रोल दिया और किरदार के लिए बाल कटवाने तक को कहा, जिसे उन्होंने बिना किसी हिचक के स्वीकार कर लिया। इस फिल्म के बाद उनकी पहचान पूरे देश में बन गई।

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार बने
रवि किशन ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे। एक तेलुगु फिल्म की शूटिंग के दौरान गंभीर हादसे में उनका कॉलर बोन और हाथ टूट गया था। हालांकि, अभिनेता सुनील शेट्टी की सलाह पर उन्होंने लंबी रिकवरी की और फिर से फिल्मों में दमदार वापसी की। संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर रवि किशन ने खुद को भारतीय सिनेमा के सबसे बहुमुखी कलाकारों में शामिल किया है।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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