तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर: एआईएडीएमके ने स्वीकार किया जनता का फैसला-बहुमत परीक्षण से पहले टीवीके प्रमुख विजय को समर्थन देने का किया ऐतिहासिक ऐलान
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर: एआईएडीएमके ने स्वीकार किया जनता का फैसला-बहुमत परीक्षण से पहले टीवीके प्रमुख विजय को समर्थन देने का किया ऐतिहासिक ऐलान
चेन्नई, 12 मई । तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद एआईएडीएमके में मचे घमासान के बीच पार्टी ने एक चौंकाने वाला निर्णय लिया है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता सी.वी. शनमुगम ने स्पष्ट किया है कि पार्टी जनता के जनादेश का सम्मान करते हुए ‘तमिलगा वेत्री कजगम’ के प्रमुख विजय का समर्थन करेगी। शनमुगम ने कहा कि चुनाव में एआईएडीएमके के तीसरे नंबर पर खिसकने और लगातार मिल रही हार के बाद पार्टी को बचाने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था। उन्होंने जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी के. पलानीस्वामी पर डीएमके के साथ सांठगांठ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एआईएडीएमके की स्थापना ही डीएमके के विरोध में हुई थी, इसलिए वे उनकी विचारधारा से समझौता नहीं कर सकते।
पार्टी के भीतर उपजे असंतोष के बाद एआईएडीएमके के अधिकांश विधायकों ने मिलकर एडप्पादी पलानीस्वामी के रुख के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है। सी.वी. शनमुगम ने विधानसभा के लिए नई नियुक्तियों की घोषणा करते हुए पूर्व मंत्री एस.पी. वेलुमणि को विधायक दल का नेता और सी. विजयभास्कर को पार्टी व्हिप नियुक्त किया है। इसके साथ ही विधायक हरि को विधानसभा में डिप्टी लीडर और पूर्व मंत्री कामराज को सेक्रेटरी बनाया गया है। इन नियुक्तियों के संबंध में एक आधिकारिक पत्र प्रोटेम स्पीकर को सौंप दिया गया है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि वे एआईएडीएमके को दो धड़ों में नहीं बांटना चाहते, बल्कि इसे फिर से मजबूत करना चाहते हैं।
टीवीके प्रमुख विजय के लिए यह समर्थन एक बड़ी संजीवनी बनकर उभरा है, विशेष रूप से फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले मिले इस साथ ने उनकी स्थिति मजबूत कर दी है। शनमुगम और वेलुमणि ने संयुक्त रूप से कहा कि लोगों ने बदलाव के लिए विजय को वोट दिया है और वे इस जनभावना का अनादर नहीं करेंगे। उन्होंने जल्द ही जनरल काउंसिल की बैठक बुलाने की मांग की है ताकि हार के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया जा सके और जयललिता के सपनों की सरकार को फिर से स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा सके। फिलहाल, एआईएडीएमके ने खुद को किसी भी गठबंधन से मुक्त घोषित करते हुए एक स्वतंत्र और नई राजनीतिक दिशा की ओर बढ़ने का संकेत दिया है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट