संविधान को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाने वाले, आज ‘रक्षक’ होने का ढोंग कर रहे, किस डेटा पर अमित मालवीय ने कांग्रेस को घेरा

संविधान को सबसे ज्यादा चोट पहुंचाने वाले, आज ‘रक्षक’ होने का ढोंग कर रहे, किस डेटा पर अमित मालवीय ने कांग्रेस को घेरा

संविधान संशोधन को लेकर बीजेपी एक बार फिर कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। अमित मालवीय ने जवाहरलाल नेहरू के काल में हुए संशोधनों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी पर संविधान रक्षक होने का ढोंग करने का आरोप लगाया है। मालवीय ने कहा कि सबसे ज्यादा संविधान में संशोधन जवाहरलाल नेहरू के समय में हुए थे।

बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कुछ आंकड़े शेयर किए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, संविधान में अधिकतर संशोधन नेहरू-गांधी काल में हुए हैं। उन्होंने राहुल-प्रियंका की ओर इशारा करते हुए कहा, विडंबना यह है कि नेहरू-गांधी के वंशज दूसरों पर संविधान के शत्रु होने का आरोप लगाते हैं।

अब तक हुए 106 संविधान संशोधन
अमित मालवीय ने जो डेटा जारी किया है, उसमें बताया गया है संविधान स्थापना के अगले 75 वर्षों से अधिक समय में इसमें 106 संशोधन हो चुके हैं। भारत गणराज्य को मजबूत करने के लिए 12 प्रधानमंत्रियों द्वारा संविधान में संशोधन किया गया।

जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल में हुए 16 संशोधन
इस डेटा के अनुसार, जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल में 16 संशोधन किए गए थे। जिसमें जमींदारी प्रथा को समाप्त करना सबसे अहम संशोधन था। इसके बाद 1964 से 1966 के बीच लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में महज एक संशोधन किया गया, जिसमें कृषि संकट के समाधान पर ध्यान केंद्रित था। 17वां संशोधन उस समय की समाजवादी आवश्यकता थी। इसने भूमि अधिग्रहण को सुगम बनाने के लिए जागीर की परिभाषा का विस्तार किया और कई भूमि सुधार अधिनियमों को नौवीं अनुसूची में शामिल किया, जिससे किसानों के हितों की रक्षा के लिए उन्हें न्यायिक समीक्षा से प्रभावी रूप से बचाया जा सके।

इंदिरा गांधी के कार्यकाल में सबसे अधिक संशोधन
इंदिरा गांधी के पहले कार्यकाल में कुल 25 संशोधन किए गए थे, जबकि दूसरे कार्यकाल में 6 संशोधन किए गए। इतिहास में इंदिरा गांधी के कार्यकाल में अब तक सबसे अधिक 31 बार संविधान संशोधन किया गया। मोराजी के कार्यकाल में 2 बार संविधान संशोधन किया गया। जबकि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 से लेकर अब तक के कार्यकाल में 8 संशोधन हुए हैं। इससे पहले अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में 14 संशोधन किए गए थे।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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