मानवीय सहायता संगठनों पर लगे प्रतिबंध हटाए इज़रायल, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों की अपील
मानवीय सहायता संगठनों पर लगे प्रतिबंध हटाए इज़रायल, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों की अपील

संयुक्त राष्ट्र की कई प्रमुख एजेंसियों और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने इज़रायल से गाज़ा पट्टी और पश्चिमी तट में अंतर्राष्ट्रीय सहायता संगठनों के संचालन पर लगाए गए प्रतिबंधों को तत्काल हटाने की अपील की है। बुधवार को जारी एक संयुक्त बयान में इन एजेंसियों ने चेतावनी दी कि प्रतिबंधों के कारण मानवीय संकट और गहराने का खतरा है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों पर पड़ेगा।
संयुक्त बयान में कहा गया है कि अंतर्राष्ट्रीय सहायता संगठन गाज़ा पट्टी और पश्चिमी तट में मानवीय राहत कार्यों में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। ये संगठन हर वर्ष लगभग एक अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता प्रदान करते हैं, जिससे भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, आवास और अन्य जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में इन संगठनों के कामकाज पर रोक लगाना क्षेत्र में पहले से मौजूद संकट को और गंभीर बना सकता है।
एजेंसियों ने विशेष रूप से गाज़ा की स्थिति पर चिंता जताई है। बयान के अनुसार, सर्दियों के मौसम में गाज़ा में रहने वाले परिवारों की परेशानियां बढ़ रही हैं। खाद्य सामग्री की भारी कमी बनी हुई है और जीवनरक्षक सहायता की आवश्यकता अत्यधिक है। ऐसे संवेदनशील समय में सहायता संगठनों पर प्रतिबंध लगाने से संघर्षविराम के दौरान हुई नाज़ुक प्रगति भी कमजोर पड़ सकती है।
संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया कि मानवीय सहायता तक पहुंच कोई विकल्प नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत एक कानूनी दायित्व है। यह मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एक बुनियादी आवश्यकता है और इसे किसी भी राजनीतिक या शर्तों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
इस संयुक्त बयान पर कई वरिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के अवर सचिव और आपातकालीन राहत समन्वयक टॉम फ्लेचर, खाद्य एवं कृषि संगठन के महानिदेशक क्वो डोंगयू, अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन की महानिदेशक एमी ई. पोप, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के प्रशासक अलेक्जेंडर डी क्रू, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल, संयुक्त राष्ट्र महिला इकाई की कार्यकारी निदेशक सीमा बहौस और विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इज़रायल 1 जनवरी 2026 से गाज़ा पट्टी और पश्चिमी तट में दर्जनों अंतर्राष्ट्रीय सहायता संगठनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है। बताया जा रहा है कि इन संगठनों पर इज़रायली पंजीकरण संबंधी शर्तों को पूरा न करने का आरोप लगाया गया है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने इज़रायल से आग्रह किया है कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करे और मानवीय सहायता कार्यों को निर्बाध रूप से जारी रखने की अनुमति दे।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

