‘पावर द पेडल’ अभियान के तहत 450 से अधिक महिला मजदूरों को साइकिलें दी गईं : ग्रीनपीस इंडिया…

‘पावर द पेडल’ अभियान के तहत 450 से अधिक महिला मजदूरों को साइकिलें दी गईं : ग्रीनपीस इंडिया…

नई दिल्ली, 29 जुलाई ग्रीनपीस इंडिया ने निम्न आय वर्ग की महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयास में ‘पावर द पेडल’ अभियान के तहत दिल्ली और बेंगलुरु में 450 से अधिक महिला मजदूरों को साइकिलें मुहैया करवायीं हैं।

पर्यावरण संगठन ग्रीनपीस इंडिया ने एक बयान में कहा कि गतिशीलता में लैंगिक समानता के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस अभियान का उद्देश्य महिला घरेलू मजदूरों के पांच हज़ार साइकिल चालकों का एक समुदाय बनाना है जो सड़कों पर प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ ‘चेंजमेकर’ के रूप में काम करेंगे।

बयान में कहा गया है कि अभियान में भाग लेने वाली अधिकतर महिलाओं की उम्र 40 से 50 वर्ष के बीच है। इनमें से ज्यादातर महिलाएं पैदल अपने कार्यस्थल जाती हैं क्योंकि वह परिवहन के किसी अन्य साधन का लाभ उठाने का खर्च वहन नहीं कर सकती हैं।

दक्षिणी दिल्ली की एक झुग्गी बस्ती में रहने वाले नंदी (48) और उनके पति अमरकांत (54) राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न बाजारों में गुब्बारे बेचने के लिए हर दिन 20 से 25 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं।

नंदी ने कहा, ”हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। पिछले कुछ साल में शहर को वातानुकूलित बसें और मेट्रो मिली हैं। सार्वजनिक परिवहन में हमें गुब्बारों के साथ यात्रा करने की अनुमति नहीं है। हमने महसूस किया कि आने-जाने के वह तरीके हम जैसे लोगों के लिए कभी थे ही नहीं।”

ग्रीनपीस इंडिया के अभियान प्रबंधक अविनाश चंचल ने कहा कि महिला साइकिल चालक समुदाय बनाकर संगठन, शहरों में कार केंद्रित बुनियादी ढांचे को चुनौती देने का प्रयास कर रहा है।

चंचल ने कहा, ”दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक है और कारों और दोपहिया वाहनों सहित मोटर चालित वाहन शहर में कुल सड़क स्थान का लगभग 75 प्रतिशत उपयोग करते हैं, लेकिन शहर की परिवहन ज़रूरतों का केवल 20 प्रतिशत ही पूरा करते हैं।”

चंचल ने कहा कि अधिक लोगों को साइकिल चलाने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते साइकिल के अनुकूल बुनियादी ढांचे में निवेश करने और निर्माण करने की तत्काल आवश्यकता है।

उन्होंने मांग की कि सरकार को शहर के बुनियादी ढांचे को व्यवस्थित रूप से पुनर्गठित करना चाहिए ताकि सार्वजनिक स्थान के सावधानीपूर्वक पुनर्वितरण के माध्यम से अतिरिक्त साइकिल लेन को शामिल किया जा सके।

दीदार ए हिन्द की रिपोर्ट

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