रोजाना कॉफी पीने से कम हो सकता है डिमेंशिया का खतरा, रिसर्च में बड़ा दावा
रोजाना कॉफी पीने से कम हो सकता है डिमेंशिया का खतरा, रिसर्च में बड़ा दावा
दिमाग को स्वस्थ रखती है कॉफी
नई रिसर्च में सामने आया है कि रोजाना सीमित मात्रा में कॉफी पीने से डिमेंशिया का खतरा काफी कम हो सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, कॉफी में मौजूद कैफीन दिमाग की कोशिकाओं को सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है।
दो से तीन कप कॉफी है फायदेमंद
शोधकर्ताओं ने बताया कि प्रतिदिन दो से तीन कप कॉफी पीना सबसे ज्यादा लाभकारी माना गया है। इससे अल्जाइमर से जुड़ी सूजन और दिमाग में बनने वाले हानिकारक प्लाक को कम करने में मदद मिलती है।
43 साल तक चला बड़ा अध्ययन
अमेरिका में किए गए इस लंबे अध्ययन में 1.31 लाख से ज्यादा नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों को शामिल किया गया। करीब 43 वर्षों तक चले इस शोध के दौरान प्रतिभागियों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी गई।
8 प्रतिशत लोगों में दिखा डिमेंशिया
अध्ययन के दौरान लगभग 11 हजार लोगों में डिमेंशिया के लक्षण पाए गए। हालांकि, जो लोग नियमित रूप से कैफीनयुक्त कॉफी या चाय का सेवन करते थे, उनमें यह खतरा अपेाकृत कम देखा गया।
75 साल तक के लोगों को ज्यादा फायदा
रिसर्च में पाया गया कि 75 वर्ष या उससे कम उम्र के लोगों में कॉफी का सुरक्षात्मक प्रभाव ज्यादा देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित मात्रा में कैफीन दिमाग को लंबे समय तक सक्रिय रखने में मदद कर सकता है।
ज्यादा कॉफी पीना हो सकता है नुकसानदायक
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जरूरत से ज्यादा कॉफी पीना नुकसान पहुंचा सकता है। उनका कहना है कि संतुलित मात्रा में ही कॉफी या चाय का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद रहता है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट