पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बीच नागरिक सेवाएं बेपटरी: आसनसोल और दुर्गापुर में कचरे के ढेर और ठप पड़ा पंचायत कार्य

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बीच नागरिक सेवाएं बेपटरी: आसनसोल और दुर्गापुर में कचरे के ढेर और ठप पड़ा पंचायत कार्य

आसनसोल/दुर्गापुर, 08 मई । पश्चिम बंगाल में 15 साल पुराने तृणमूल शासन के अंत और भाजपा की नई सरकार के गठन की आहट के बीच स्थानीय निकायों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। दुर्गापुर नगर निगम में पिछले कई दिनों से कचरा संग्रहण और ड्रेनेज सफाई का कार्य रुकने से सड़कों पर गंदगी के अंबार लग गए हैं, जिससे महामारी का खतरा बढ़ गया है। निगम के प्रशासक और कर्मचारी दफ्तर आने से कतरा रहे हैं, जिसके कारण जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों के लिए आम नागरिक भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय दुकानदारों और रहवासियों का कहना है कि बदबू और मच्छरों के कारण जीना मुहाल हो गया है।

आसनसोल उपमंडल की ग्राम पंचायतों में स्थिति और भी चिंताजनक है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सालनपुर की अछरा पंचायत सहित कई स्थानों पर हुई तोड़फोड़ और हिंसा के डर से निर्वाचित प्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। बाराबनी ब्लॉक और पनुरिया पंचायत के कर्मचारियों ने सुरक्षा के लिहाज से बीडीओ कार्यालय में शरण ली है, लेकिन वहां से भी उन्हें फिलहाल काम पर न आने की अनौपचारिक सलाह दी गई है। इस प्रशासनिक शून्यता के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य और बुनियादी नागरिक सुविधाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं।

इस संकट के बीच आसनसोल नगर निगम से राहत की खबर है, जहां मेयर बिधान उपाध्याय के अनुसार सेवाएं अभी सुचारू हैं। हालांकि, दुर्गापुर की प्रशासक अनिंदिता मुखर्जी ने सुरक्षा कारणों से घर से काम करने की अनुमति मांगी है ताकि जरूरी प्रमाण पत्र जारी किए जा सकें। दूसरी ओर, भाजपा ने निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और फाइलें गायब करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। वर्तमान में बंगाल के इन औद्योगिक क्षेत्रों की जनता 9 मई को होने वाले शपथ ग्रहण का इंतजार कर रही है, ताकि नई सरकार के आने से प्रशासनिक व्यवस्था दोबारा पटरी पर लौट सके।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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