हंटा वायरस प्रभावित जहाज से छह यात्री तीन सप्ताह के पृथक-वास के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचे

हंटा वायरस प्रभावित जहाज से छह यात्री तीन सप्ताह के पृथक-वास के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचे

मेलबर्न, हंटा वायरस की चपेट में आए एक क्रूज जहाज के छह यात्री शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, जहां उन्हें कम से कम तीन सप्ताह तक पृथक-वास में रहना होगा।

नीदरलैंड से इन्हें लेकर आया ‘गल्फस्ट्रीम लॉन्ग-रेंज बिजनेस जेट’ पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया राज्य की राजधानी पर्थ के बाहर स्थित ‘आरएएएफ बेस पियर्स’ पर उतरा।

यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को नजदीकी ‘बुल्सब्रुक’ पृथक-वास केंद्र में स्थानांतरित किया जाना था।

ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने बृहस्पतिवार को कहा था कि सरकार इस वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए ‘दुनिया के किसी भी हिस्से की तुलना में सबसे मजबूत पृथक-वास व्यवस्थाओं में से एक’ लागू करेगी।

पांच ऑस्ट्रेलियाई और न्यूजीलैंड के एक नागरिक को इस केंद्र में तीन सप्ताह की पृथक-वास अवधि बितानी होगी।

बटलर ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार इस वायरस के लक्षण सामने आने में 42 दिन तक का समय लग सकता है। इसलिए, तीन सप्ताह के पृथक-वास के बाद शेष दिनों के दौरान क्या सावधानियां बरती जाएं, इस पर अभी निर्णय लिया जाना बाकी है।

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, नीदरलैंड से रवाना होने से पहले इन सभी छह यात्रियों की वायरस जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी और किसी में भी इसके लक्षण नहीं दिखे थे।

‘एमवी होंडियस’ क्रूज जहाज पर हंटा वायरस के कुल 11 मामले सामने आए थे, जिनमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जब इस बीमारी का पता चला, तब यह समुद्री जहाज अर्जेंटीना से अंटार्कटिका और फिर दक्षिण अटलांटिक महासागर में कई सुदूर द्वीपों की यात्रा पर था।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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