सिविएरोडोनेट्सस्क के 80 फीसदी हिस्से पर रूस का कब्जा..

सिविएरोडोनेट्सस्क के 80 फीसदी हिस्से पर रूस का कब्जा..

लीव, 14 जून पूर्वी यूक्रेन के सिविएरोडोनेट्सस्क शहर के 80 फीसदी हिस्से पर रूस ने कब्जा कर लिया है। हालांकि रूस ने अभी तक शहर में आवाजाही को पूरी तरह नहीं रोका, लेकिन यहां लोगों की निकासी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तीन पुलों को रूसी सेना ने ढहा दिया है।

लुहान्स्क के क्षेत्रीय गवर्नर सेरही हैदाई मंगलवार को मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस शहर पर रूस की ओर से भारी हथियारों से हमला किया जा रहा है। ये शहर युद्ध का केंद्र बिंदु बन चुका है। यहां से घायलों को निकालने, यूक्रेनी सेना और स्थानीय निवासियों से बात करने का अभी भी एक अवसर यूक्रेन के पास है।

हैदई ने स्वीकार किया कि रूस की ओर से किए जा रहे हमलों के कारण यूक्रेनी सेना को इस औद्योगिक शहर से पीछे हटना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस शहर की आबादी करीब एक लाख थी, लेकिन युद्ध के सौ दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी भी यहां 12 हजार से ज्यादा नागरिक फंसे हुए हैं। हैदई ने बताया कि यहां के एक रासायनिक संयंत्र में करीब 500 लोगों और यूक्रेनी सैनिकों ने शरण ली हुई है। उन्होंने बताया कि बीते कुछ घंटो में यहां से 70 नागरिकों को निकाला जा चुका है।

यूक्रेनी सेना कर रही है कड़ा मुकाबला

सिविएरोडोनेट्सस्क शहर में रूस और यूक्रेन की सेना अब भी संघर्ष कर रही हैं। इस शहर के मेयर ऑलेक्जेंडर स्ट्रीक ने कहा कि रूस ने शहर में प्रवेश के लिए इस्तेमाल होने वाले तीनों पुलों को ढहा दिया है। जिससे यूक्रेनी सेना को संभव मदद नहीं पहुंच पा रही। लेकिन शहर के अंदर मौजूद यूक्रेनी सेना रूस का कड़ा मुकाबला कर रही है। ज्ञात रहे कि कीव पर कब्जे में असफल रहने के बाद रूस ने अपना पूरा ध्यान डोनबास और उसके आसपास के शहरों पर केंद्रित कर दिया है।

यहां हो सकती है मारियुपोल जैसी स्थिति

रूस ने इस शहर के 80 फीसदी हिस्से पर कब्जा कर लिया है। शहरों में प्रवेश मार्गों को अवरुद्ध कर दिया गया है। शहर को चारों ओर से रूसी सेना ने घेर लिया है, जिससे यूक्रेनी सेना को सैन्य सामग्री नहीं पहुंच पा रही। यहां के एक रासायनिक संयंत्र में सैकड़ों यूक्रेनी नागरिक व सैनिक फंसे हुए हैं। यूक्रेनी सेना शहर से नागरिकों को निकालने का हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन रूसी हमलों के कारण वो सफल नहीं हो पा रही। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस शहर का हाल मारियुपोल जैसा हो सकता है।

आज आत्ससमर्पण कर सकते हैं यूक्रेनी लड़ाके

रूसी रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को दावा किया कि सिविएरोडोनेट्सस्क क्षेत्र के अजोट रासायनिक संयंत्र में शरण लिए हुए यूक्रेनी लड़ाके बुधवार को रूस के सामने आत्मसमर्पण कर सकते हैं। रूस ने इस संयंत्र में फंसे यूक्रेनी लड़ाकों को आत्मसमर्पण करने की पेशकश की थी। इस संयंत्र में छिपे यूक्रेनी लड़ाके यहां से मोर्चा संभालकर रूस का मुकाबला कर रहे हैं।

यूक्रेन को मिले अपने सैनिकों के शव

यूक्रेन ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की है कि उसे मारियुपोल संयंत्र में मारे गए 64 यूक्रेनी लड़ाकों के शव मिल गए हैं। ये शव रूस के साथ सैनिकों के शवों की अदला-बदली के तहत मिले हैं। अजोवस्टल संयंत्र में यूक्रेन की अजोव रेजिमेंट के लड़ाकों ने रूसी सेना से लंबा संघर्ष किया था और रूसी हमलों में कई सैनिक मारे गए थे। हालांकि यूक्रेन की ओर से ये नहीं बताया गया कि उसने रूस को कितने सैनिकों के शव सौंपे हैं।

रूस ने हमले किए तेज

सिविएरोडोनेट्सस्क में रूस ने हमले तेज किए हैं। यहां भारी हथियार, मिसाइल, रॉकेट हमले किए जा रहे हैं। पैदल सैनिक भी यहां यूक्रेन पर हमला कर रहे हैं। डोनबास यूक्रेन का एक बड़ा आर्थिक शहर है, यदि यहां रूस का कब्जा होता है तो उसको बड़ा आर्थिक नुकसान होगा। यूक्रेन का कहना है कि रूस उत्तर में स्लोवियास्क और दक्षिण में बखमुट शहर के पास मोर्चा संभाले हुए हैं।

हथियारों का किया अनुरोध

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के सलाहकार मायखाइलो पोदोलयक ने तेजी से खत्म हो रहे हथियार और रूस का मुकाबला करने के लिए यूरोपीय देशों से बड़े और घातक हथियार देने की अपील की हैं। उन्होंने कहा कि रूस का मुकाबला करने के लिए 1000 हॉवित्जर तोप, 500 टैंप, 1000 ड्रोन और अन्य भारी हथियारों की जरूरत है। रूस अब भी युद्ध में सोवियत काल के हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है, जो रूस के आधुनिक हथियारों के सामने फेल हो रहे हैं। पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को और हथियार देने का वादा किया है लेकिन ये हथियार अभी तक यूक्रेन पहुंचे नहीं हैं।

यूक्रेन के जंगल में मिली एक और सामूहिक कब्र

यूक्रेन की राजधानी कीव के बाहरी इलाके में बुचा शहर के पास एक और सामूहिक कब्र मिली है। इन कब्र में कई लोगों के शव बरामद किए गए है। सभी मृतकों के हाथ पीछे की ओर बंधे हुए थे।

यूक्रेन के पुलिस प्रमुख ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शवों को देखकर लगता है कि इन प्रताड़ित किया गया था। ज्ञात रहे कि 24 फरवरी को रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से 12,000 से अधिक लोगों की हत्याओं की आपराधिक जांच शुरू की है। कीव क्षेत्रीय पुलिस के प्रमुख एंड्री नेबीतोव ने कहा कि मृतकों के घुटनों पर गोलियों के निशाना मिले हैं। शवों के हाथ पीछे बंधे हुए थे। उन्होंने कहा कि इन लोगों को शत्रु सेना ने सूचना निकालने के प्रयास के तहत लंबे समय तक बंधक बनाकर रखा होगा। ज्ञात रहे कि बुचा शहर से रूसी सैनिकों की वापसी के बाद से अब तक सामूहिक कब्रों से 1316 शव बरामद किए जा चुके हैं।

दीदारे हिन्द की रिपोर्ट

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