सच्चे और झूठे इंसानो को न्याय दिलवाने की अनोखी देव परंपरा
सच्चे और झूठे इंसानो को न्याय दिलवाने की अनोखी देव परंपरा
देवभूमि कुल्लू में वैसे तो सच्चे इंसान को न्याय दिलाने वाले अनेक देवी-देवता हैं लेकिन बंजार घाटी के पुजाली नामक स्थान पर माता राजराजेश्वरी महामाया पांचाली के दरबार में न्याय दिलवाने की अनोखी देव परंपरा देखने को मिलती है। मान्यता है कि जो इंसान सच्चा हो और उसको सुनने वाला कोई न हो और दूसरे इंसान द्वारा बेहद सताया गया हो या अदालत आदि के दरवाजे में भी निराशा प्राप्त हो।
अगर इंसान सच्चा हो तो माता के दरबार में सच्चे को न्याय और झूठे को सजा मिलती है। बेबस इंसान माता के मंदिर की दहलीज में लोहे की कील गाड़ दे तो जिस व्यक्ति के नाम पर कीलगाड़ी गई है, उसे माता का भयंकर कोप सहना पड़ता है। गौर रहे कि कील गाड़ने वाला इंसान सच्चा होना चाहिए वरना परिणाम विपरीत भी हो सकता है। देव समाज से जुड़े लोगों की मानें तो अगर सच्चे लोगों द्वारा गई कील को समय रहते नहीं निकाला गया तो झूठे इंसान का वंश भी नाश होता है।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट