मेरे लिए भावनात्मक सफर रहा है इंस्पेक्टर अविनाश: उर्वशी रौते

मेरे लिए भावनात्मक सफर रहा है इंस्पेक्टर अविनाश: उर्वशी रौते

मुंबई, मेकर्स क्राइम और सस्पेंस से भरपूर वेब सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश के दूसरे सीजन के साथ पुन: दर्शकों के बीच लौटने की तैयारी कर रहे हैं। सीरीज में एक बार फिर उर्वशी रौतेला एक अहम और दमदार किरदार निभाती नजर आएंगी, जिसे वह अपने करियर के सबसे खास और परिवर्तनकारी किरदारों में से एक मानती हैं। इस बार कहानी पहले से कहीं ज्यादा रोमांच और गहराई से भरी होगी। अपने किरदार और सीरीज के बारे में बात करते हुए उर्वशी रौतेला ने कहा, मेरे लिए इंस्पेक्टर अविनाश सिर्फ एक सीरीज नहीं, बल्कि एक भावनात्मक सफर रहा है। मेरा किरदार असली जिंदगी से प्रेरित है, इसलिए इसे मैंने जिम्मेदारी के साथ निभाने की कोशिश की है। निर्देशक नीरज पाठक की लिखी स्क्रिप्ट ने मुझपर काफी प्रभाव डाला है। जैसे ही मैंने कहानी पढ़ी, मुझे महसूस हुआ कि यह किरदार सिर्फ अभिनय करने का मौका नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने आगे कहा, सीरीज का दूसरा सीजन अपराध और पुलिस की दुनिया को गहराई से दिखाएगा। हालांकि, इस बार कहानी सिर्फ अपराध और जांच तक सीमित नहीं रहेगी।
इसमें उन परिवारों की जिंदगी को भी दिखाया जाएगा, जो पुलिस अधिकारियों के साथ हर मुश्किल दौर में खड़े रहते हैं। मेरा किरदार इसी भावनात्मक पक्ष को सामने लाएगा। सीरीज यह दिखाने की कोशिश करेगी कि एक पुलिस अधिकारी की नौकरी सिर्फ उसी इंसान को नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार को प्रभावित करती है। उनके परिवारों को भी डर, तनाव और त्याग के साथ जीना पड़ता है, जिसकी झलक अक्सर पर्दे पर नहीं दिखाई जाती। यह नई परत सीरीज को और अधिक मानवीय और रिलेटेबल बनाएगी। अपने किरदार को पूरी तरह असली और विश्वसनीय बनाने के लिए उर्वशी ने काफी मेहनत की। उन्होंने बताया, तैयारी के दौरान मैं असली इंस्पेक्टर अविनाश मिश्रा की पत्नी से मिलीं। मुझे उनकी सादगी, धैर्य और मानसिक मजबूती ने काफी प्रभावित किया। उनके साथ समय बिताने के बाद मुझे समझ आया कि पुलिस अधिकारी की पत्नी होना कितना मुश्किल होता है। बाहर से यह जिंदगी सामान्य दिख सकती है, लेकिन अंदर ही अंदर बहुत संघर्ष और चिंता छिपी होती है। इसी अनुभव ने मुझे अपने किरदार को और बेहतर तरीके से समझने में मदद की।
उर्वशी ने कहा, मैंने इस किरदार के लिए करीब दो साल तक तैयारी की। मैंने छोटी-छोटी आदतों और व्यवहार को समझने की कोशिश की। बोलने का तरीका, बॉडी लैंग्वेज, चलने का अंदाज और यहां तक कि साड़ी पहनने के तरीके तक पर भी ध्यान दिया। मैं चाहती हूं कि दर्शकों को मेरा किरदार पूरी तरह असली लगे और वे उससे जुड़ाव महसूस करें। उन्होंने अंत में कहा, यह किरदार मेरे पिछले सभी किरदारों से काफी अलग है और यही बात मुझे सबसे ज्यादा उत्साहित करती है। मैं हमेशा से ऐसे किरदार निभाना चाहती थी जिनमें भावनात्मक गहराई हो, और इंस्पेक्टर अविनाश ने मुझे वह मौका दिया है।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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