मध्य प्रदेश के पशुपालन मंत्री से विभाग लिया गया

मध्य प्रदेश के पशुपालन मंत्री से विभाग लिया गया

भोपाल, 15 जुलाई । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से पशुपालन विभाग का प्रभार वापस ले लिया है। अब उनके पास केवल आनंद विभाग की जिम्मेदारी रहेगी।

राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, पशुपालन विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने पास रखेंगे। हाल के दिनों में लखन पटेल विभिन्न कारणों से चर्चा में रहे थे। हालांकि, सरकार ने विभाग में इस बदलाव के कारणों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

इस संबंध में जब मीडिया ने लखन पटेल से बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि विभागों का आवंटन और उनमें बदलाव करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है।

राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं लंबे समय से चल रही हैं। ऐसे में इस बदलाव को संभावित मंत्रिमंडलीय फेरबदल से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

लखन पटेल दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह पहली बार 2013 में विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2018 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दोबारा जीत दर्ज की और मोहन यादव सरकार में मंत्री बनाए गए।

आरजी कर केस: शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी बंगाल सरकार

कोलकाता, 15 जुलाई (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल सरकार 2024 में आरजी कर रेप और हत्याकांड के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले डॉक्टरों और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेगी। पिछली ममता बनर्जी की सरकार में प्रदर्शनों में शामिल डॉक्टरों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी।

राज्य सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस बिस्वजीत बसु की अध्यक्षता में गठित न्यायिक आयोग की सिफारिशों पर आधारित राज्य सरकार मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। सूत्रों ने बताया कि आयोग उन मामलों की पहचान करेगा, जिनमें कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर आरजी कर रेप और मर्डर मामले में न्याय की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को दबाने या उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से केस दर्ज किए गए थे।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस प्रशासन 14 अगस्त 2024 की आधी रात को उत्तरी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में तोड़फोड़ और हिंसा में लोगों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू करेगा। आरोप है कि हिंसा के पीछे के दो मकसद थे। पहला अस्पताल परिसर में घटनास्थल पर सबूतों को नष्ट करना और दूसरा महिला डॉक्टर के रेप और हत्याकांड के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों से मीडिया का ध्यान हटाना।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरजी कर मामले को फिर से खोलने का आदेश दिया। उन्होंने इस मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त विनीत कुमार गोयल, पूर्व डीसीपी (नॉर्थ डिवीजन) अभिषेक गुप्ता और पूर्व डीसीपी (सेंट्रल डिवीजन) इंदिरा मुखर्जी को भी सस्पेंड किया। साथ ही, उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है।

सूत्रों ने कहा, “आरजी कर मामले पर नई सरकार का रुख साफ है।” उन्होंने आगे कहा, “प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ करके बड़ी साजिश को कमजोर करने की कोशिशों में सीधे या परोक्ष रूप से शामिल लोगों को सजा मिले, साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को उन मामलों और उत्पीड़न से मुक्त किया जाए जिन्हें अनावश्यक माना जाता है।”

हनुमान चालीसा पढ़ने और मंदिर जाने के लिए कोई कंडीशन नहीं : संजय राउत

नागपुर, 15 जुलाई (वेब वार्ता)। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने मंदिर जाने और एनसीपी (एसपी) नेता जयंत पाटिल के मुख्यमंत्री देवेद्र फडणवीस से मुलाकात को लेकर की प्रतिक्रिया दी है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए जयंत पाटिल के सीएम से मिलने पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि जयंत पाटिल की मंगलवार रात को मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई है।

मंदिर जाने को लेकर संजय राउत ने कहा कि मेरी कोई कंडीशन नहीं है। हनुमान चालीसा पढ़ने में क्या कंडीशन हो सकती है? 18 तारीख को उद्धव ठाकरे आएंगे और हम लोग मंदिर में जाएंगे। मंदिर के बाहर एक मंच बनाया जाएगा। अगर बड़ी संख्या में लोग वहां आते हैं तो उद्धव ठाकरे वहां लोगों को संबोधित करेंगे। हमरा कार्यक्रम पूरा होगा।

महिला आरक्षण बिल को लेकर उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर सरकार की ओर से बिल फिर से लाया जाता है तो पूरा विपक्ष इकट्ठा होकर उसका विरोध करेगा। हमारी ओर से बिल को दुरुस्त करने की जानकारी दी गई है। अगर हमारी बात मानी जाती ह…

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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