नॉर्डिक समिट के बाद इटली पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी -जॉर्जिया मेलोनी के साथ रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई कूटनीतिक मजबूती…
नॉर्डिक समिट के बाद इटली पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी -जॉर्जिया मेलोनी के साथ रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई कूटनीतिक मजबूती…
रोम, 19 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोप दौरे के अंतिम चरण में आज इटली पहुंचे हैं, जहां वह अपनी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह मुलाकात वैश्विक सुरक्षा और रणनीतिक प्राथमिकताओं के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। इस कूटनीतिक बैठक में दोनों वैश्विक नेताओं के बीच रक्षा सहयोग को नई गति देने, ऊर्जा सुरक्षा, द्विपक्षीय व्यापार और महत्वाकांक्षी ‘इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। यह वार्ता भारत और इटली के बीच दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी को एक बिल्कुल नया और कूटनीतिक मुकाम प्रदान करेगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने ओस्लो में संपन्न हुए ‘तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने आइसलैंड, फिनलैंड, डेनमार्क और स्वीडन के नेताओं के साथ कूटनीतिक संवाद किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और नॉर्डिक देशों के संबंधों को नई रणनीतिक दिशा देना है, जिसमें आधुनिक टेक्नोलॉजी, हरित ऊर्जा (Green Transition) और नवाचार (Innovation) को प्रमुखता दी गई है। साथ ही, सस्टेनेबिलिटी, ब्लू इकोनॉमी, अंतरिक्ष मिशन और आर्कटिक क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक मजबूती देने का बड़ा संकल्प लिया गया है, जो भविष्य की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सहायक सिद्ध होगा।
ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे के साथ हुई सार्थक बातचीत के दौरान दोनों देशों ने अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को ‘हरित रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर उन्नत करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के व्यापारिक समुदाय को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि ‘भारत-ईएफटीए’ (टीईपीए) समझौता लागू होने के बाद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में नई ऊर्जा आई है। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास और इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में नॉर्वे की भागीदारी को भारत ने एक सुखद और सकारात्मक कदम बताया है, जिससे खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा जैसी वैश्विक समस्याओं का स्थाई हल निकालने में मदद मिलेगी।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट