तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: राज्यपाल ने टीवीके को सरकार बनाने का न्योता देने से किया इनकार

तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: राज्यपाल ने टीवीके को सरकार बनाने का न्योता देने से किया इनकार

चेन्नई, 08 मई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता गहरा गई है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (TVK) 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 सीटों के जादुई आंकड़े से अब भी दूर है। विजय ने खुद दो सीटों से जीत हासिल की थी, जिससे एक सीट खाली होने पर पार्टी की प्रभावी संख्या घटकर 107 रह जाएगी। इस बीच, खबर है कि राज्यपाल आर. वी. आर्लेकर ने स्पष्ट बहुमत न होने के कारण फिलहाल टीवीके को सरकार बनाने का न्योता देने से मना कर दिया है, जिससे आज होने वाला शपथ ग्रहण समारोह टल सकता है।

सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए विजय ने कांग्रेस, वामपंथी दलों और विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) से समर्थन मांगा है। कांग्रेस ने द्रमुक (DMK) के साथ अपना दशकों पुराना गठबंधन तोड़कर टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है, जिससे विजय की उम्मीदें बढ़ी हैं। हालांकि, वीसीके अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन का रुख अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वीसीके और कम्युनिस्ट पार्टियां एक साथ आती हैं, तभी राज्य में नई सरकार का गठन संभव हो पाएगा।

राज्यपाल आर्लेकर सोमवार को तिरुवनंतपुरम से चेन्नई पहुंचे, जिसके बाद विजय ने उनसे मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में समारोह की तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं, लेकिन न्योता न मिलने से सस्पेंस बढ़ गया है। वीसीके की हाई-लेवल कमेटी की बैठक अचानक रद्द होने से अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है। फिलहाल सभी की निगाहें राजभवन और विपक्षी खेमे की बैठकों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि विजय बहुमत के लिए जरूरी 11 विधायकों का समर्थन जुटा पाते हैं या राज्य में कोई नया राजनीतिक समीकरण जन्म लेता है।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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