ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का महत्वपूर्ण रूस दौरा, सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रपति पुतिन से करेंगे मुलाकात

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का महत्वपूर्ण रूस दौरा, सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रपति पुतिन से करेंगे मुलाकात

सेंट पीटर्सबर्ग, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान और ओमान के कूटनीतिक दौरों के बाद अब रूस के सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे हैं, जहां वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। ईरान की सरकारी मीडिया आईआरएनए (IRNA) के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय दुश्मनी को कम करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जुटाने के तेहरान के हालिया प्रस्ताव पर चर्चा करना है। विशेष बात यह रही कि अराघची की फ्लाइट का कॉलसाइन ‘मिनाब 168’ रखा गया था, जो फरवरी में एक हमले में मारे गए ईरानी स्कूली बच्चों की स्मृति में चुना गया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव और रूसी विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा की पुष्टि करते हुए इसे द्विपक्षीय संबंधों के लिए अहम बताया है।

रूस में ईरान के राजदूत काजम जलाली ने इस दौरे के एजेंडे को स्पष्ट करते हुए कहा कि अराघची रूसी अधिकारियों के साथ मध्य पूर्व के मौजूदा हालात, संभावित युद्धविराम (सीजफायर) और क्षेत्र में बढ़ते संघर्षों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। दोनों देशों के बीच यह संवाद उनके राष्ट्रपतियों और मंत्रियों के बीच हुई निरंतर टेलीफोनिक वार्ताओं की अगली कड़ी है। राजदूत ने जोर दिया कि रूस और ईरान कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक समान राय रखते हैं, विशेष रूप से पश्चिमी देशों द्वारा बनाए जा रहे कूटनीतिक दबाव के खिलाफ दोनों देश एकजुट हैं। रूस ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तेहरान का बचाव करते हुए अपने वीटो अधिकार का उपयोग कर पश्चिमी प्रस्तावों का विरोध भी किया है।

रूस पहुंचने से पहले, अराघची ने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ अहम बैठकें की थीं। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान में हुई बातचीत के दौरान ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) के लिए एक नई कानूनी व्यवस्था, ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नाकाबंदी हटाने और ईरान पर भविष्य में हमले न होने की गारंटी जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा हुई। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया है कि मंत्री का उद्देश्य केवल क्षेत्रीय सहयोग और मध्यस्थता के प्रयासों को आगे बढ़ाना था। उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि इस दौरे के दौरान अमेरिकी अधिकारियों के साथ कोई गुप्त बैठक होनी है।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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