ईपीएफ़ओ के निजी ट्रस्टों के लिए नए सख्त नियम: कर्मचारियों को मिले 4 बड़े अधिकार, पीएफ सुरक्षा और पारदर्शिता पर सरकार का विशेष जोर

ईपीएफ़ओ के निजी ट्रस्टों के लिए नए सख्त नियम: कर्मचारियों को मिले 4 बड़े अधिकार, पीएफ सुरक्षा और पारदर्शिता पर सरकार का विशेष जोर

हैदराबाद, 17 जून। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफ़ओ) ने निजी और सरकारी कंपनियों द्वारा संचालित पीएफ ट्रस्टों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति बचत को वित्तीय जोखिमों से सुरक्षित रखना और पीएफ प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता लाना है। ईपीएफओ ने स्पष्ट कर दिया है कि निजी ट्रस्टों के सदस्यों को मिलने वाले अधिकार किसी भी स्थिति में आम ईपीएफओ सदस्यों से कम नहीं होंगे।
कर्मचारियों को मिले चार प्रमुख अधिकार

नए नियमों के तहत कंपनियों के लिए अनिवार्य है कि वे कर्मचारियों के पीएफ खातों को यूएएन से जोड़ें। इसके अतिरिक्त, ट्रस्टों को अपने नियमों की प्रति नोटिस बोर्ड पर लगानी होगी और ईपीएफओ द्वारा घोषित कोई भी नया लाभ सदस्यों पर स्वतः लागू होगा। कंपनियों को डिजिटल पासबुक की सुविधा देना और पीएफ निकासी व फंड ट्रांसफर को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना भी अब अनिवार्य कर दिया गया है।
शिकायत निवारण और ब्याज दर सीमा

ईपीएफओ ने ब्याज दरों में हेरफेर रोकने के लिए अब निजी ट्रस्टों पर ईपीएफओ की घोषित दर से अधिकतम 2% अधिक ब्याज देने की सीमा तय कर दी है। यदि किसी कर्मचारी को ये अधिकार नहीं मिलते हैं, तो वे संबंधित ट्रस्ट के बोर्ड या क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त से शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, कर्मचारी अपनी शिकायतें ईपीएफओ के आधिकारिक पोर्टल पर भी दर्ज करा सकते हैं।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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