आदिवासी मेलों में इतिहास, विरासत का अनमोल खज़ाना देखें, देशवासी : मोदी..
आदिवासी मेलों में इतिहास, विरासत का अनमोल खज़ाना देखें, देशवासी : मोदी..

नई दिल्ली, 31 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से आज अपील की कि वे देश के विभिन्न प्रदेशों के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में देश के प्राचीन इतिहास एवं विरासत के अनमोल खज़ाने को देखने के लिए आदिवासी मेलों का भ्रमण करें और वहां की तस्वीरों को सार्वजनिक मंचों पर साझा करें।
श्री मोदी ने आज यहां आकाशवाणी में अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 91वें संस्करण में कहा कि हमारे देश में अलग- अलग राज्यों में आदिवासी समाज के भी कई पारंपरिक मेले होते हैं। इनमें से कुछ मेले आदिवासी संस्कृति से जुड़े हैं, तो कुछ का आयोजन, आदिवासी इतिहास और विरासत से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के मेडारम का चार दिवसीय समक्का-सरलम्मा जातरा मेले को तेलंगाना का महाकुम्भ कहा जाता है। सरलम्मा जातरा मेला, दो आदिवासी महिला नायिकाओं – समक्का और सरलम्मा के सम्मान में मनाया जाता है। ये तेलंगाना ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और आन्ध्र प्रदेश के कोया आदिवासी समुदाय के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। आँध्रप्रदेश में मारीदम्मा का मेला भी आदिवासी समाज की मान्यताओं से जुड़ा बड़ा मेला है। मारीदम्मा मेला जयेष्ठ अमावस्या से आषाढ़ अमावस्या तक चलता है और यहाँ का आदिवासी समाज इसे शक्ति उपासना के साथ जोड़ता है। यहीं, पूर्वी गोदावरी के पेद्धापुरम में, मरिदम्मा मंदिर भी है। इसी तरह राजस्थान में गरासिया जनजाति के लोग वैशाख शुक्ल चतुर्दशी को ‘सियावा का मेला’ या ‘मनखां रो मेला’ का आयोजन करते हैं।
दीदार ए हिन्द की रिपोर्ट