हुंडई ने लाँच की इलेक्ट्रिक क्रेटा…

हुंडई ने लाँच की इलेक्ट्रिक क्रेटा…

नई दिल्ली, 19 जनवरी। ह्यूंदै मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) ने आज भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में अपनी नई ह्यूंदै क्रेटा इलेक्ट्रिक को लॉन्च किया। इसे 17,99000 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। ह्यूंदै क्रेटा इलेक्ट्रिक के लॉन्च से बोल्ड डिजाइन, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, शानदार प्रदर्शन और ऑल अराउंड सेफ्टी फीचर्स के साथ इलेक्ट्रिक एसयूवी की ओर शिफ्ट होने का मौका मिलेगा।

इस ईवी कार के फीचर्स की बात करें तो ह्यूंदै क्रेटा इलेक्ट्रिक में क्रेटा जैसे ही फीचर्स हैं, हालांकि इसके अलावा कुछ और भी है। सबसे पहले, ईवी में लेदरेट डैशबोर्ड है, जिसमें इंफोटेनमेंट और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के लिए डुअल स्क्रीन सेटअप है, जो आईसीई मॉडल में पाया जाता है। इसमें एपल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो के जरिए वायरलेस कनेक्टिविटी की सुविधा है। हालांकि, स्टीयरिंग व्हील, ह्यूंदै आयोनिक 5 की तरह ही डुअल स्पोक डिजाइन और चार डॉट्स वाला नया है।

आगामी ह्यूंदै क्रेटा इलेक्ट्रिक के अन्य प्रमुख फीचर्स में इलेक्ट्रिक पैनोरमिक सनरूफ, नया गियर सिलेक्टर, लेवल-2 एडीएएस और ब्लाइंड स्पॉट का पता लगाने के लिए 360-डिग्री सराउंड-व्यू कैमरा शामिल हैं। इनके अलावा, ह्यूंदै क्रेटा इलेक्ट्रिक में डिजिटल चाबी भी है, जो ह्यूंदै अल्काजार के साथ शुरू हुई थी। ये कार 42 केडब्लूएच बैटरी पैक या 51.4 केडब्लूएच विकल्प से लैस है। ये कार एम्बिएंट लाइटिंग, 8-स्पीकर बोस साउंड सिस्टम और वेंटिलेटेड फ्रंट-रो सीटें जैसी सुविधाओं से लैस है।

ह्यूंदै क्रेटा ईवी कार की खासियत
ह्यूंदै क्रेटा ईवी में व्हीकल टू लोड (वी2एल) टेक्नोलॉजी है, जिसके जरिए यूजर वाहन के अंदर और बाहर दोनों जगह बाहरी उपकरणों को पावर दे सकता है। इसके लिए फ्रंट बम्पर पर एक्टिव एयर फ्लैप्स भी हैं। आई-पेडल टेक्नोलॉजी के साथ, इलेक्ट्रिक एसयूवी को एक पेडल से चलाया जा सकता है, जिससे ड्राइवर सिर्फ एक्सीलरेटर पेडल का इस्तेमाल करके कार को तेज, धीमा और यहां तक कि पूरी तरह से रोक भी सकते हैं। इसमें शिफ्ट-बाय-वायर सिस्टम है।

‘मेक इन इंडिया’ विजन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता- किम
इस मौके पर एचएमआईएल के मैनेजिंग डायरेक्टर उनसू किम ने कहा, ‘ह्यूंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा में एचएमआईएल के सफर का एक अहम पड़ाव है। इस लॉन्चिंग भारत के सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ विजन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है, क्योंकि यह भारत में हमारी पहली घरेलू ईवी एसयूवी है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में वैश्विक स्तर पर एक दशक से ज्यादा की अपनी विशेषज्ञता के साथ ह्यूंडई मोटर कंपनी ने खुद को ईवी इनोवेशन के मामले में अग्रणी कंपनी के रूप में स्थापित किया है। अब उसी इनोवेशन एवं विशेषज्ञता को हम भारत में लेकर आए हैं, जिससे यहां के ईवी परिदृश्य में बदलाव होगा। ह्यूंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक ‘मानवता के लिए प्रगति’ के हमारे दृष्टिकोण और भारत को एडवांस्ड मोबिलिटी के क्षेत्र में ग्लोबल हब बनाने की ह्यूंडई की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमें भरोसा है कि ह्यूंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक भारत की ईवी इंडस्ट्री में नए मानक स्थापित करेगी और इस सेगमेंट को तेजी से आगे बढ़ाने में सहायक होगी।’

शेयर बाजार के लिए मिलाजुला रहा यह हफ्ता, डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण पर होंगी निवेशकों की निगाहें

मुंबई, 18 जनवरी (वेब वार्ता)। अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण से पहले शेयर बाजार में निवेशक सर्तक बने हुए हैं और इस हफ्ते बाजार का प्रदर्शन मिलाजुला रहा है। बाजार में हफ्ते की शुरुआत में तेजी देखी गई थी, लेकिन शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बिकवाली देखी गई। इस दौरान लार्जकैप आईटी और बैंकिंग शेयरों पर दबाव देखने को मिला। हालांकि, सरकारी बैंकों का प्रदर्शन मजबूत रहा।

हफ्ते के अंत में सेंसेक्स 76,619.33 पर और निफ्टी 23,203.2 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी बैंक 738.10 अंक या 1.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49,540.6 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 123.85 अंक या 0.23 प्रतिशत चढ़कर 54,607.65 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 28.75 अंक या 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,672.05 पर बंद हुआ। सितंबर 2024 के उच्च स्तर से बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। इस दौरान निफ्टी 50 इंडेक्स 11.5 प्रतिशत, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 12 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 11 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट हुई है। बाजार की मजबूती के लिए आने वाले समय में तीसरी तिमाही के नतीजे काफी महत्वपूर्ण होंगे।

बाजार के जानकारों के अनुसार, डॉलर के मजबूत होने के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं और जोखिम को कम कर रहे हैं। इसके अलावा नए अमेरिकी प्रशासन की संभावित आर्थिक नीतियों पर बढ़ती अनिश्चितता ने बाजार के सेंटीमेंट को नुकसान पहुंचाया है। कुल मिलाकर तीसरी तिमाही के कमजोर नतीजों की उम्मीदों के कारण अल्पावधि में बाजार के सतर्क रहने की उम्मीद है। वहीं, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से बाजार में अस्थिरता जारी रह सकती है। कैपिटलमाइंड रिसर्च के कृष्णा अप्पाला ने कहा कि यह समय घबराने का नहीं, बल्कि स्पष्टता के साथ काम करने का है। बाजार में गिरावट अच्छे स्टॉक्स खोजने के अवसर प्रदान करती है, जिसमें विकास की अच्छी संभावना हो।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

Related Articles

Back to top button