3,461 मौते और लाखों टन बम, ईरान से लेबनान तक मचा मौत का तांडव, 1 महीने बाद कहां खड़ा है मिडिल ईस्ट का वॉर?
3,461 मौते और लाखों टन बम, ईरान से लेबनान तक मचा मौत का तांडव, 1 महीने बाद कहां खड़ा है मिडिल ईस्ट का वॉर?

मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ संघर्ष अब जंग में बदल गया है। हजारों लोग मारे और घायल हुए हैं। ईरान, इजरायल, अमेरिका, खाड़ी देश, लेबनान और इराक में आम नागरिक और लड़ाके प्रभावित हुए हैं।
मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष ने अब जंग का रूप ले लिया है, जिसमें अब तक हजारों लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हैं। अमेरिका और इजरायल पर आरोप हैं कि उन्होंने ईरान पर आक्रमण शुरू किया, जिसके जवाब में ईरान ने इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले किए। साथ ही लेबनान में भी नए मोर्चे पर लड़ाई का विस्तार हुआ है।
अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक लगभग 3,461 लोग मारे गए हैं। इनमें से 1,551 आम नागरिक थे, जिनमें कम से कम 236 बच्चे शामिल हैं। संगठन का कहना है कि यह आंकड़ा हॉस्पिटल, स्थानीय रिपोर्ट, आपातकालीन स्रोत और ओपन-सोर्स सामग्री के आधार पर तैयार किया गया है।
20, 000 से अधिक लोग घायल
दूसरी ओर, इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज ने शुक्रवार को बताया कि ईरान में अब तक कम से कम 1,900 लोगों की मौत हुई है और लगभग 20,000 लोग घायल हुए हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि क्या इन आंकड़ों में वह घटनाक्रम शामिल हैं जिसमें 104 लोगों के वास्तव में 4 मार्च को श्रीलंका के तट के पास एक ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले में मारे जाने की बात ईरानी सेना ने कही थी।
लेबनान में मौतों की संख्या 1200 के पार
लेबनान के अधिकारियों के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक इजरायल के हमलों में 1,238 लोग मारे गए हैं, जिनमें कम से कम 124 बच्चे शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जब इसी दिन लेबनान की शिया सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ नए मोर्चे पर हमले शुरू किए, तब से हिज़्बुल्लाह के 400 से अधिक लड़ाके मारे गए हैं।
यह स्पष्ट नहीं है कि अधिकारियों द्वारा जारी कुल हताहत संख्या में लेबनानी और हिजबुल्लाह के लड़ाके शामिल हैं या नहीं। लेबनान की सेना ने भी कहा है कि इसी संघर्ष में 8 लेबनानी सैनिक मारे गए हैं, जिनमें से अधिकांश मौतें दक्षिणी लेबनान में हुई हैं।
युद्ध की चपेट में इराक
इराक के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से कम से कम 100 लोगों की मौत हुई है। इनमें आम नागरिक, ईरान से जुड़े शिया पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज के सदस्य, कुर्द पेशमर्गा लड़ाके और सैनिक शामिल हैं। इतनी मौतों के बाद भी यह कहना मुश्किल है कि मिडिल ईस्ट में जारी इस जंग में कौन जीत रहा है या किसका पलड़ा भारी है। दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहें हैं।
दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट