एसजेएम ने लोगों से एलपीजी और पेट्रोल की घबराहट में खरीदारी न करने का आग्रह किया

एसजेएम ने लोगों से एलपीजी और पेट्रोल की घबराहट में खरीदारी न करने का आग्रह किया

नई दिल्ली, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच घबराहट में ईंधन की खरीदारी और एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में अचानक वृद्धि को लेकर चिंता जताई और लोगों से अपील की कि वे जमाखोरी से बचें, क्योंकि इससे ‘कृत्रिम कमी’ पैदा होती है।

कृत्रिम कमी एक ऐसी आर्थिक स्थिति है, जहां बाजार में किसी वस्तु की आपूर्ति वास्तव में कम नहीं होती, लेकिन कुछ बाहरी कारकों की वजह से ऐसा भ्रम पैदा हो जाता है कि सामान खत्म होने वाला है।

एसजेएम ने यह भी कहा कि जीवाश्म ईंधनों के उपयोग को कम करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की गति तेज करनी चाहिए।

एसजेएम के राष्ट्रीय सह-समन्वयक अश्वनी महाजन ने एक बयान में कहा कि एलपीजी सिलेंडर और पेट्रोल की अचानक मांग में बढ़ोतरी डर से प्रेरित है, क्योंकि ईंधन की आपूर्ति स्थिर है और लोगों को केवल सत्यापित जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘एलपीजी सिलेंडरों की औसत दैनिक बुकिंग, जो आमतौर पर 55 से 60 लाख के बीच रहती थी, अचानक बढ़कर 75 से 88 लाख प्रतिदिन हो गई है। इसी तरह पेट्रोल की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।’’

महाजन ने कहा, ‘‘हालांकि देश के पास पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति लगातार बनी हुई है, जो सरकार के कूटनीतिक प्रयासों से सुनिश्चित की जा रही है, फिर भी घबराहट में खरीदारी कृत्रिम कमी पैदा कर रही है, जिससे जनता में चिंता बढ़ रही है।’’

एसजेएम ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने सिर्फ गैस, तेल, उर्वरक और अन्य जरूरी सामान की कीमतों और आपूर्ति को ही प्रभावित नहीं किया है। इसके साथ ही कुछ लोग इस स्थिति का फायदा उठाकर इन चीजों की जमाखोरी कर रहे हैं, ताकि भविष्य में अगर कमी आए तो वे उन्हें महंगे दामों पर बेच सकें।

महाजन ने जिम्मेदार नागरिक आचरण की अपील करते हुए कहा कि लोग ईंधन की कमी से जुड़ी अफवाहें फैलाने या असत्यापित संदेश आगे भेजने से बचें।

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को केवल आधिकारिक और सत्यापित सूचना स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए और ऐसी अपुष्ट जानकारियों को फैलाने से बचना चाहिए, जिनसे दहशत फैल सकती है।’

एसजेएम के वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा कि वर्तमान वैश्विक संकट के दौरान सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता बनाए रखना बेहद जरूरी है, और चेतावनी दी कि गलत जानकारी और डर से प्रेरित व्यवहार स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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