सीरिया दोराहे पर खड़ा है, यह हिंसा की ओर लौट सकता है या शांति की ओर बढ़ सकता है: संयुक्त राष्ट्र दूत..

सीरिया दोराहे पर खड़ा है, यह हिंसा की ओर लौट सकता है या शांति की ओर बढ़ सकता है: संयुक्त राष्ट्र दूत..

संयुक्त राष्ट्र, । सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष दूत ने कहा है कि राष्ट्रपति बशर अल-असद को अपदस्थ किए जाने के तीन महीने बाद सीरिया दोराहे पर खड़ा है जहां से वह फिर से हिंसा की ओर लौट सकता है या शांति की ओर बढ़कर दशकों के संघर्ष को समाप्त कर सकता है।

सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष दूत गीर पेडरसन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि सीरिया में हिंसा की स्थिति लौट सकती है। उन्होंने कहा कि बाहरी शक्तियों को सीरियाई संप्रभुता के उल्लंघन की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।

पेडरसन ने कहा कि दूसरा रास्ता जो सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा को बहाल करेगा वह ‘व्यवहार्य’ है लेकिन इसके लिए जरूरी है कि ‘‘सीरिया के लोग सही निर्णय लें’’ और उन्हें अंतरराष्ट्रीय सहयोग मिले।

सीरिया में 13 वर्षों से गृह युद्ध जारी है। पिछले वर्ष दिसंबर में इस्लामी समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) ने बशर अल असद की सत्ता को पलट दिया था और इसी के साथ देश में उनके परिवार का 50 वर्षों से अधिक पुराना शासन समाप्त हो गया।

इसके बाद एक बैठक में पूर्व एचटीएस नेता अहमद अल-शरा को देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया गया।

पेडरसन ने अल-शरा के सुरक्षा बलों और असद के प्रति वफादार सशस्त्र समूहों के बीच झड़पों के कुछ सप्ताह बाद यह बात कही। इन झड़पों में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं।

पेडरसन ने परिषद को बताया कि हालांकि कई दिन के बाद स्थिति ‘अपेक्षाकृत शांत’ है लेकिन संयुक्त राष्ट्र को लगातार ‘‘उत्पीड़न और धमकी की रिपोर्टे मिल रही हैं’’।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

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