मध्य पूर्व में भीषण जंग का 31वां दिन, ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट पर बड़ा हमला, कुवैत में ईरानी गोलाबारी से एक भारतीय की मौत, होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव से वैश्विक तेल आपूर्ति संकट गहराया

मध्य पूर्व में भीषण जंग का 31वां दिन, ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट पर बड़ा हमला, कुवैत में ईरानी गोलाबारी से एक भारतीय की मौत, होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव से वैश्विक तेल आपूर्ति संकट गहराया

नई दिल्ली, 30 मार्च अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को आज एक महीना पूरा हो गया है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है। पिछले 24 घंटों में संघर्ष ने तब और उग्र रूप ले लिया जब ईरान के एक प्रमुख पेट्रोकेमिकल संयंत्र को निशाना बनाया गया। वहीं, कुवैत के एक पावर स्टेशन पर हुए ईरानी हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत हो गई है। 28 फरवरी को शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 3,000 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इजराइल लगातार लेबनान और ईरान के ठिकानों पर बमबारी कर रहा है, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमले तेज कर दिए हैं।

वैश्विक व्यापार के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। हालांकि ईरान ने व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर लगी पाबंदियों में मामूली ढील दी है, लेकिन उसका उद्देश्य इस मार्ग पर दबाव बनाए रखना है। अमेरिका ने ईरान को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए जलमार्ग को पूरी तरह खोलने की चेतावनी दी है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि युद्ध अब निर्णायक मोड़ पर है, जबकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने क्षेत्र में स्थित अमेरिकी और इजराइली संस्थानों को ‘वैध लक्ष्य’ घोषित कर तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिका ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मध्य पूर्व में भारी सैन्य तैनाती की है।

इस युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतें आसमान छू रही हैं। उर्वरकों की भारी कमी और हवाई यात्राओं पर लगे प्रतिबंधों ने वैश्विक व्यापार को पंगु बना दिया है। यदि हूती विद्रोही लाल सागर के बाब अल-मंडेब जलमार्ग पर दोबारा हमले शुरू करते हैं, तो दुनिया का 12% समुद्री व्यापार पूरी तरह ठप हो सकता है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि वाशिंगटन का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक तेहरान की परमाणु क्षमताओं को पूरी तरह निष्क्रिय नहीं कर दिया जाता।

दीदार ए हिन्द की रीपोर्ट

Related Articles

Back to top button